गीतकार संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद और पुत्रवधू नरेश नंदिनी की आत्महत्या व 250 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में मथुरा क्राइम ब्रांच संकल्प के ऑफिस और कमरे की तलाशी लेगी। मथुरा पुलिस ने कोसीकलां थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इसे सील करा दिया था।
संकल्प और नरेश नंदिनी ने 15 अक्तूबर को कोसीकलां में मथुरा-दिल्ली रेलमार्ग पर आत्महत्या कर ली थी। संकल्प की कार से मिले 10 पेज के सुइसाइड नोट के आधार पर यूपी पुलिस के तत्कालीन डीजी आवास निगम कमलेंद्र प्रसाद और डीआईजी संदीप मित्तल सहित 38 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज हुई।
सुइसाइड नोट में सभी पर संकल्प को 250 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसाने का आरोप भी है। मामला संकल्प के संस्थान से जुड़ा है। इसलिए मथुरा पुलिस ने संकल्प आनंद के कार्यालय, दिल्ली के रोहिणी विहार स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अपराध विधि विज्ञान शास्त्र संस्थान में कमरों को सील कर दिया था।
अब मामले की जांच कर रही मथुरा क्राइम ब्रांच संकल्प के ऑफिस के कमरे और आवास से कागजात जुटाएगी। इसके लिए एक सीओ और क्राइम ब्रांच के विवेचक एक दो दिन में दिल्ली जाएंगे।
क्राइम ब्रांच के 40 सवालों पर छूटे पसीने
मथुरा। संकल्प आनंद आत्महत्या प्रकरण में क्राइम ब्रांच के 40 सवालोें का जबाव देने में एलएनजेपी इंस्टीट्यूट की निदेशक के पसीने छूट रहे हैं। मामले में यूपी पुलिस के तत्कालीन डीजी कमलेंद्र प्रसाद और डीआईजी संदीप मित्तल सहित 38 लोगों नामजद हैं।
पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश भी राज्य सरकार कर चुकी है। इधर चार दिन पहले केस की विवेचना कर रही टीम ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण अपराध विधि विज्ञान शास्त्र संस्थान की निदेशक रीमा मित्रा से 40 सवालों के जबाव मांगे हैं।
मित्रा ने सवालों का जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार मामले में नामजद लोग अपने पद और प्रतिष्ठा से कार्रवाई को रुकवाने का प्रयास करने लगे हैं। फिलहाल टीम 40 सवालोें के जवाब का इंतजार कर रही है।