मथुरा के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि 19 अगस्त 2020 को पठानकोट में लूट के लिए छैमार गैंग के मुखिया फाती उर्फ असद ने पूरी योजना तैयार की थी। इसके बाद उसके साथी राशिद ने क्रिकेटर सुरेश रैना की बुआ और फूफा के घर पर धावा बोल दिया था। लूट का विरोध करने पर राशिद ने सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार, बुआ आशा और फुफेरे भाई कौशल कुमार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। रैना के फूफा अशोक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बुआ आशा और भाई कौशल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
इस मामले से जुड़े दो बदमाशों को शहर कोतवाली पुलिस ने 19 सितंबर 2022 में किदवई नगर में मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया था। एक बदमाश की पहचान जिला सहारनपुर के थाना गंगोह स्थित गांव धलापड़ा झुग्गी झोपड़ी निवासी काका उर्फ गोलू उर्फ शहजान के रूप में हुई थी, जबकि दूसरा बदमाश मुरादाबाद पीपल साना निवासी तालिब उर्फ फैजान उर्फ आसिम था। पुलिस की जांच में बदमाश राशिद का नाम सामने आया था। वह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था।
एक अप्रैल 2023 को शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी से मुठभेड़ में एक बदमाश राशिद घायल हो गया। उसे सीएचसी शाहपुर पहुंचाया गया, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राशिद छैमार गिरोह का सदस्य था। वह तीन लोगों की हत्या के मामले में वांछित था। मुजफ्फरनगर में राशिद के खिलाफ जानलेवा हमले और डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। एक अन्य बदमाश मौके से फरार हो गया।
अब असद को भी किया ढेर
तीनों राज्य की पुलिस को लंबे समय से असद की तलाश में जुटी थी। डीआईजी शैलेश पांडेय ने बताया कि रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि थाना हाईवे के कृष्णा कुंज कॉलोनी के एक घर में फाती अपने 3 साथियों के साथ छिपा है। एसओजी व हाईवे पुलिस ने घर की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी और भागने लगे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक गोली फाती के लग गई। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंधेरे का फायदा फाती के साथी भाग गए।
आईपीएल छोड़कर लाैटे थे सुरेश रैना
जिस समय वारदात हुई, तब सुरेश रैना 2020 में संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले आईपीएल में हिस्सा लेने के लिए गए थे। वह चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेल रहे थे। जब उन्हें अपने रिश्तेदारों की मौत की जानकारी हुई तो वह निजी कारणों का हवाला देते हुए आईपीएल मैच छोड़कर वापस भारत लौट आए थे। इसके कारण चेन्नई सुपर किंग्स और सुरेश रैना के फैंस को काफी निराशा हुई थी। सीएसके की पूरी टीम ने उन्हें मुश्किल समय में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था। इस आईपीएल को मुंबई इंडियंस ने जीता और उपविजेता का खिताब दिल्ली कैपिटल्स को मिला था।