मथुरा। प्रशासनिक तालमेल की कमी का खामियाजा होली गेट निवासी एक परिवार को उठाना पड़ रहा है। सीवर लाइन के लिए गड्ढों की खोदाई के कारण सीलन आने से मकान में दरारें आ गईं हैं। पीड़ित ने सीएम से लेकर स्थानीय प्रशासन से शिकायतें कीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब परिवार ने अपना घर ही छोड़ दिया है।
दलपत खिचड़ी कोयल गली होली गेट निवासी दिनेश चंद्र चतुर्वेदी ने नगर आयुक्त को लिखी चिट्ठी में आरोप लगाया है कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन में लेखाकार (सेवानिवृत्त) रह चुका हूं। पिछले साल बिजली निगम ने लाइन बिछाने के लिए सड़क खोद दी। काफी दिन खुली पड़ी रही। बिजली निगम ने उल्टा सीधा काम करके सड़क ठीक ही की थी कि जलकल विभाग ने सीवर के लिए फिर दोबारा सड़क खोद डाली। पाइप डाली लेकिन कहीं न कहीं वह लीकेज हो गई। इसकी शिकायत भी की गई थी लेकिन कोई ठीक करने नहीं आया।
सीएम के पोर्टल पर भी शिकायत की। वार्ड सभासद रामदास चतुर्वेदी एक माह पूर्व निरीक्षण भी करने आए थे। लेकिन आज तक काम नहीं हुआ। ठेकेदार ने एक-दो सीवर के चैंबर बनवाए। कुछ स्थानों पर सीवर का गड्ढा खोदा गया, लीकेज निकलने पर कर्मचारी पाइप ही निकालकर ले गए। गड्ढा वैसी ही छोड़ दिया। पानी लीकेज का प्रभाव इतना हुआ कि सीलन के चलते मकान में दरारें आ गईं। डर के कारण परिवार घर छोड़ दूसरी जगह जा चुका है। करीब 10-12 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है।