उत्तर प्रदेश के मथुरा में चौक बाजार की जामा मस्जिद के छज्जे पर चढ़कर भगवा झंडा लहराने के आरोपी चार युवकों को शनिवार को जमानत नहीं मिल सकी। उधर, शहर में सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान मुस्तैद नजर आए। खुफिया तंत्र ने भी मिश्रित आबादी में पूरी नजर बनाए रखी और एसएसपी को पल-पल की जानकारी दी।
रामनवमी शोभा यात्रा पर मस्जिद पर लहराया था भगवा झंडा
रामनवमी पर निकलने वाली शोभा यात्रा के वक्त युवकों ने जामा मस्जिद के छज्जे पर चढ़कर भगवा झंडा लहरा दिया था। गोविंदनगर और कोतवाली पुलिस ने इस मामले में हनी गौतम निवासी महाविद्या कॉलोनी, काव्य निवासी गायत्री विहार कॉलोनी, देवकरण निवासी जयसिंहपुरा और दाऊ ठाकुर उर्फ देवांश को शांतिभंग में गिरफ्तार जेल भेज दिया था।
उकसाने पर लहराया भगवा, पुलिस ने की एकतरफा कार्रवाई
अखिल भारत हिंदू महासभा ने भगवा झंडा लहराने वाले चार युवाओं को शांतिभंग में जेल भेजे जाने की निंदा की है। महासभा के प्रदेश प्रवक्ता संजय हरियाणा ने कहा कि चौक बाजार में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। इसके फलस्वरूप युवकों ने भी उनके जवाब में नारे और भगवा झंडे लहराए।
एकतरफा कार्रवाई का आरोप
उन्होंने कहा कि जब इनकी गिरफ्तारी की गई तो विशेष समुदाय के युवकों की क्यों नहीं। शांति भंग में गिरफ्तारी करने के बाद जेल भेजने की आवश्यकता नहीं थी। इसका अखिल भारत हिंदू महासभा विरोध करती है। पुलिस के चारों युवकों को गिरफ़्तार करना एकतरफा कार्रवाई दर्शाता है।