समय से पूर्व बंद हुए बांकेबिहारी मंदिर के पट
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की गोलक में तीन वर्ष में एकत्रित हुईं कीमती वस्तुओं और जेवरातों को मंदिर प्रबंधन सूचीबद्ध कर इन्हें गलवाकर सिल्ली बनाए जाने की मंदिर प्रबंधन की मंशा पूरी नहीं हो सकी। रविवार को मंदिर प्रबंध कमेटी के सदस्य के विरोध के बाद सोमवार को भी यह प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा सकी।
मंदिर प्रबंधन अगली सूचना आने पर प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहा है, लेकिन इसके पीछे विरोध कर रहे सदस्य की ओर से कानूनी अड़चन पैदा करना माना जा रहा है। मंदिर के प्रबंधक मुनीष कुमार शर्मा ने बताया कि प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु की ओर से अगली सूचना तक इस प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश मिला था, इसलिए प्रक्रिया सोमवार को अमल में नहीं लाई गई।
कमेटी के सदस्य गौरव गोस्वामी ने कहा कि प्रबंधन की मंशा साफ नहीं थी और नियमों का पालन भी सही तरह से नहीं किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष की गैर मौजूदगी में बक्सों की सील तोड़ना भी नियमों की अवहेलना करना है। इसी का उन्होंने विरोध किया।