मथुरा के गोवर्धन में नगर पंचायत के सभासदों ने चेयरमैन प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाते हुए एडीएम से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है। सभासदों का कहना है कि अध्यक्ष पति मनमाने तरीके से नगर पंचायत के कार्यों में दखल देकर कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं। सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
समाधान दिवस में शनिवार को सभासदों ने एडीएम अमरेश कुमार और एसडीएम प्रजाक्ता त्रिपाठी से मुलाकात की। उन्हें बताया कि सेवानिवृत्त, मृतक और कार्यरत कर्मचारियों के बकाया तथा एसीपी भुगतान के लिए नगर पंचायत को करीब एक करोड़ सात लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। अध्यक्ष पति ने इसका उपयोग निर्माण कार्यों में कर डाला। अपने हक के लिए कर्मचारी हाईकोर्ट जाने को विवश हैं। कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की धमकी देने और घर के कार्य कराए जाने का भी आरोप लगाया।
बताया कि गत 12 अगस्त को ईओ की मौजूदगी में नगर पंचायत कार्यालय में टीसी की पिटाई कर उनकी मां से अभद्रता की। लिपिक का गला दबाने जैसी घटनाएं हुई थीं। आरोप लगाया कि कुछ वार्डों में जानबूझकर सफाई और प्रकाश व्यवस्था नहीं कराई जा रही। डीपीआर में निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। चिह्नित सभासदों के खिलाफ षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। नगर पंचायत की जमीनों पर अवैध कब्जे कराए जा रहे हैं। सभासदों ने हरीपुरा मार्ग के निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग की भी शिकायत की। मामले में एडीएम ने एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सभासद में रेखा देवी, लक्ष्मी, रेनू, शिवपाल सिंह, पवन सैनी, सतीश और माधव शर्मा शामिल रहे।
चेयरमैन प्रतिनिधि मनीष शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों के भुगतान किए जा रहे हैं। जिन कर्मचारियों की पत्रावली अपूर्ण हैं, उनके लिए ईओ को नोटिस दिया जा चुका है। शिकायतकर्ता सभासद धन की मांग करते हैं। अवैध मांग न मानने पर दवाब बनाने के लिए शिकायत करते हैं, सभी आरोप निराधार हैं।