मथुरा। मध्य प्रदेश में खांसी के सिरप से 11 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी चिकित्सकों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी। गाइडलाइन जारी होने के बाद सरकारी अस्पतालों में तो खांसी के सिरप मिलना बंद हो गए हैं, लेकिन निजी चिकित्सक खांसी के सिरप लिख रहे हैं। साथ ही मेडिकल स्टोरों पर तो बिना पर्चे के ही खांसी के सिरप धड़ल्ले से बिक रहे हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक का पत्र आने के बाद जिला और महिला अस्पताल में पांच साल से कम आयु वाले बच्चों को खांसी के सिरप देना बंद हो गया है, लेकिन निजी चिकित्सक खांसी में आराम न मिलने पर खांसी का सिरप पिलाने की सलाह अभिभावकों को दे रहे हैं। सरकारी आदेश आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने बताया कि खांसी के सिरप के लगातार नमूने लिए जा रहे हैं। रही बात बिना पर्चे पर मेडिकल स्टोर से खांसी सिरप बिक्री की तो इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक होनी है। इस बैठक में अन्य मुद्दों के साथ निजी चिकित्सकों द्वारा खांसी के सिरप लिखने पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
राधावल्लभ, सीएमओ