नगर पालिका में ठेके के नाम पर चल रहा गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्किंग, मंगल बाजार तहबाजारी, एसटीपी संचालन सहित अनेक ठेकों को लेकर पालिका प्रशासन आरोपों के घेरे में है। इनकी जांच भी चल रही है। अब सफाई के नाम पर ठेके में यही खेल हो रहा है। 100 कर्मचारियों का अनुबंध पालिका ने ठेकेदार से किया है लेकिन सफाई के लिए किसी दिन 50 तो किसी दिन 30 ही आ रहे हैं।
शहर में सफाई के नाम पर पालिका और ठेकेदार के बीच का यह गठजोड़ निकाय प्रभारी एडीएम कानून व्यवस्था ने पकड़ लिया है। ठेका के प्रारंभ में तो यही पता नहीं चल सका कि 100 कर्मचारी कहां सफाई का कार्य करते रहे या फिर कागजों में ही उनकी उपस्थिति दर्ज होती रही।
जब निकाय प्रभारी एडीएम कानून व्यवस्था ने इनकी निगरानी शुरू की तो पोल खुल गई। कर्मचारियों के नाम पर ठेकेदार गोपाला चतुर्वेदी औपचारिकता ही निभा रहे हैं। इसके संदर्भ मेें एडीएम की निरीक्षण रिपोर्ट पर ईओ नगर पालिका ने नोटिस जारी किया। संतोषजनक जवाब न आने पर अब एडीएम कानून व्यवस्था ने ईओ के माध्यम से फिर ठेकेदार गोपाला चतुर्वेदी को नोटिस भेजा है।
लोकायुक्त से मिला नोटिस
नगर पालिका अध्यक्ष मनीषा गुप्ता और अधिशासी अधिकारी केपी सिंह को लोकायुक्त से नोटिस मिल चुका है। ये नोटिस कांग्रेस नेता उमेश भारद्वाज की शिकायत पर जारी किया गया है। उन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जे सहित कई अन्य बिंदुओं पर शिकायत की है।