मथुरा। स्वास्थ्य सेवा के पेशे में नर्सों की अहम भूमिका है। उनकी सेवाएं कोरोना वायरस से जंग में दिखाई दे रही हैं। मथुरा के जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अपनी सेवाएं दे रहीं 6 स्टाफ नर्स के साथ ही वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मचारी अपने जीवन की परवाह किए बिना रात दिन अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। 8-8 घंटे की शिफ्ट में इन कर्मचारियों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड तैनात किया गया है।
स्टाफ नर्स मोनिका बतातीं हैं कि लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रखने और बिगड़ने पर इलाज करने के लिए जीजान लगाकर मेहनत कर रहीं हैं। नर्सिंग दुनिया का सबसे ज्यादा सेवामयी पेशा है। मेडिकल का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां नर्सों की जरूरत न होती हो। जिस प्रकार एक मां अपने बीमार बच्चे की देखभाल करती है, ठीक उसी प्रकार नर्स मां के रूप में काम करती है। बस फर्क इतना है कि उन्हें मां की जगह सिस्टर कहने का प्रचलन है।
स्टाफ नर्स शिल्पी कहतीं हैं कि किसी मरीज को ठीक करने में नर्सों का योगदान 60 प्रतिशत होता है। नर्स मां का ही एक रूप हैं। वे कहती हैं कि हम न दिन देखते हैं न रात, दिनभर की ड्यूटी होती है। मरीज हमारे लिए एक मरीज नहीं होता वो हमारा घर का सदस्य बन जाता है। हम जैसे अपने बच्चों की देखभाल करते हैं वैसे ही मरीज हमारे परिवार का की सदस्य बन जाता है।
ऐसे ही प्रतिमा और आरती स्टाफ नर्स की भूमिका का निर्वहन कर रहीं हैं। वहीं वार्ड ब्वाय गिर्राज, संदीप और राजपाल स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। ओमी, पवन और सीताराम भी अपनी सेवाएं देकर दिलों में स्थान बना रहे हैं।