जीएलए विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह मंगलवार को गरिमा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 1580 छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। 15 गोल्ड और 14 सिल्वर मेडल मेधावियों को दिए गए। समारोह में एक बार फिर बेटियां पदक हासिल करने में आगे रहीं। 11 छात्राओं ने गोल्ड मेडल जीते।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी नितिन जयराम गडकरी और विशिष्ट अतिथि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति व भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के अध्यक्ष प्रो. रनबीर सिंह, कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल और कुलपति प्रोफेसर दुर्ग सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती और विवि के प्रेरणाश्रोत गणेशी लाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. रनबीर सिंह और टाइफैक के पूर्व कार्यकारी निदेशक पद्मश्री डा. वाईएस राजन को जीएलए विश्वविद्यालय की ओर से मानद उपाधि प्रदान की गई।
समारोह की विधिवत शुरुआत शोभायात्रा के आगमन से हुई। जिसमें मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, कुलपति, उपकुलपति और कुलसचिव के साथ विश्वविद्यालय के कोर्ट, एग्जीक्यूटिव काउंसिल और एकेडमिक काउंसिल के सदस्य की अगवानी मुख्य सभागार में हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया। देश में इतने फ्लाईओवर और राजमार्ग बनवाए कि उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा कंकरीट का उपयोग करने के लिए लिखा गया है।
प्रतिकुलपति प्रो. एएम अग्रवाल ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया। कुलपति प्रो. डीएस चौहान ने विश्वविद्यालय की प्रगति के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन निदेशक प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने दिया।
कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल ने दीक्षांत समारोह के संपन्न होने की घोषणा की। इस अवसर पर सेक्रेटरी सोसायटी और कोषाध्यक्ष नीरज अग्रवाल, कार्यपरिषद के सदस्य प्रोफेसर जय प्रकाश, गोविन्द प्रसाद अग्रवाल, महेश चंद्र अग्रवाल, राजेश गर्ग, नरेन्द्र अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, फैजुल हसन, अरुण द्विवेदी और विभिन्न निदेशकगण, शिक्षाविद, संकाय सदस्य आदि मौजूद थे।