मथुरा। कोरोना वायरस के संक्रमण की सूचना देने के लिए सीएमओ कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में हर दिन सौ से अधिक कॉल आ रही हैं। यहां तीन पीएनटी नंबरों पर लोग सूचना दे रहे हैं। लेकिन पिछले दो दिन में कॉल में कमी आई है। कंट्रोल रूम पर आने वाले फोन ज्यादातर बीमार लोगों या फिर बाहर से आने वाले लोगों के आ रहे हैं।
कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम में नए टेलीफोन नंबर लगवाए गए हैं। कंट्रोल रूम पर लगातार कॉल आ रही हैं। अधिकतर कॉल सर्दी, जुकाम, बुखार से संबंधित हैं, जिस पर यहां तैनात चिकित्सक उन्हें समझा रहे हैं। कोरोना के चलते लोगों को जागरूक करने का कार्य तेजी से चल रहा है। टेलीफोन नंबर 0565-2471914, 2970373, 2970374 सीएमओ कार्यालय में हैं। कंट्रोल रूम पर प्रतिदिन 100 से अधिक कॉल आ रही हैं।
अधिकतर कोरोना को लेकर जानकारी मांग रहे हैं। तैनात चिकित्सकों की टीम लोगों को जागरूक कर घर पर रहने की सलाह दे रही है। कुछ तो कोरोना जांच की मांग रहे हैं, उन्हें समझाया जा रहा है कि यह जांच सभी के लिए नहीं है। कॉल करने वाले का नाम और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जा रहा है, जिसकी मॉनीटरिंग करने के बाद गंभीर मामले में आरआरटी को भेजा जा रहा है।
साहब शराब के ठेके कब खुलेंगे
सीएमओ कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में बीमार लोगों की सूचनाओं के साथ कई परेशान करने वाले लोगों के भी फोन आ रहे हैं। कुछ लोग फोन कर पूछते हैं कि लॉकडाउन कब समाप्त होगा, कोई पूछता है कि साहब शराब के ठेके कब खुलेंगे।
दो दिन से कॉल में आई कमी
पिछले दो दिन में कॉल में कमी आई है। चार दिन पूर्व तक सौ कॉल आ रही थीं, अब यह आंकड़ा 70 से 80 कॉल प्रतिदिन तक हो गया है। अधिकांश लोग अपने घरों के पास बाहर से आए लोगों की सूचना दे रहे हैं।
- डॉ. प्रवीन भारती, कंट्रोल रूम प्रभारी
आशाएं अपने क्षेत्रों में 14 दिनों में बाहर से आने वालों को करेंगी चिन्हित
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम को लेकर पूरे देश में किए गए लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों और जनपदों से गांव लौट रहे लोगों की आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ट्रैकिंग कराई जाएगी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने डीएम और सीएमओ को पत्र भेजकर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। आशा कार्यकर्ताओं व आशा संगिनी को अतिरिक्त प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया है कि वह अपने क्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण कर ऐसे घरों को चिन्हित करें (लाइन लिस्टिंग) जहां 14 दिनों के भीतर अन्य राज्यों या शहरों से लोग आए हैं। ऐसे लोगों की भी लाइन लिस्टिंग करें जो किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए हों। ऐसे लोगों व परिवारों की सूची आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी के माध्यम से ब्लाक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) को दें। जिसे वह अपलोड करेंगे ताकि उसको ब्लॉक, जिला व मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारी देख सकें।
इसके अलावा वह कोरोना के संदिग्ध केसों की पहचान कर समय से रेफर करने का भी काम करेंगी। होम क्वारंटीन किए गए लोगों का फालोअप करेंगी। आशा कार्यकर्ता पिछले 15 दिनों के भीतर बाहर की यात्रा करने वालों पर भी नजर रखेंगी। इसके साथ ही 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की जानकारी लेंगी।