साल 2020 में तत्कालीन महापौर नवीन जैन के निर्देश पर पालीवाल पार्क में टॉयलेट के निर्माण को अधूरा छोड़ने वाली फर्म की जमानत राशि जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही अधिकारियों ने दोबारा टेंडर कर निर्माण पूरा कराने की कवायद भी शुरू कर दी है।
वहीं फर्म के मालिक ने अधिकारियों पर मनमानी और निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर दिए बिना ही काम कराकर टेंडर निरस्त करने का आरोप लगाया है। निगम अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से चर्चा के बाद आगे का फैसला लेने की बात कही है।
पालीवाल पार्क व जोंस लाइब्रेरी आने वालों के लिए पार्क क्षेत्र की सरकारी जमीन पर 17.98 लाख रुपये की लागत से टॉयलेट का निर्माण शुरू हुआ था। हालांकि पांच साल बाद भी निर्माणाधीन टॉयलेट की छत नहीं पड़ सकी है। खास बात यह है कि सरकारी दस्तावेज में काम कभी शुरू ही नहीं हुआ।
श्वेता जनहित संस्थान को काम आवंटित हुआ लेकिन निगम के दस्तावेज के अनुसार फर्म ने काम शुरू नहीं किया। बार-बार रिमाइंडर भेजने पर भी काम न करने पर निगम प्रशासन ने टेंडर निरस्त कर जुलाई 2021 को फिर टेंडर निकाला। हर्ष कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म को काम मिला लेकिन उसने भी काम नहीं किया। कार्यवाहक मुख्य अभियंता सिविल अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि पुराने टेंडर को नियमानुसार निरस्त कर दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जल्द निर्माण पूरा कराया जाएगा।