साध्वी ऋतंभरा को सम्मानित करते मुख्यमंत्री
वृंदावन। वात्सल्य ग्राम की बेटियों द्वारा साध्वी ऋतंभरा के 60वें जन्मदिन को षष्ठीपूर्ति महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया। महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को संत-महंत एवं धमाचार्यों ने उन्हें आशीष दिया, वहीं देश के दिग्गज राजनेताओं ने शुभकामनाएं दी। भक्तों ने साध्वी को सोने का मुकुट पहनाकर चांदी की शिलाओें से तुलादान किया और पारंपरिक गीत गाए।
सुबह से ही वात्सल्य ग्राम साध्वी ऋतंभरा के जन्मदिन की खुशियों से सरोबार रहा। यहां शिक्षा-दीक्षा ले रहीं बेटियां, देश-विदेश से आए उनके हजारों अनुयायियों ने उन्हें बधाइयां दीं। याज्ञिक रत्न विष्णुकांत शास्त्री महाराज के आचार्यत्व में श्रीशिव शक्ति महायज्ञ में भक्तोें ने पूर्णाहुति देकर उनके दीर्घायु की कामना की। साध्वी ऋतंभरा ने अपने गुरु स्वामी परमानंद गिरि महाराज से आशीर्वाद लिया। चित्रकूट पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने बहन का नाता बताते हुए साध्वी को रामचरित मानस देकर एवं गीता मनीषी ज्ञानांनद महाराज ने श्रीमदभागवत गीता देकर शुभकामनाएं दीं।
गुरु शरणानंद महाराज, संत विजय कौशल महाराज, आनंदमूर्ति गुरु मां, स्वामी बालकानंद गिरि, स्वामी विशोकानंद भारती, स्वामी अनंतदेव गिरि, साध्वी दिव्य चेतना गिरि ने भी बधाइयां दीं। वात्सल्य ग्राम की साध्वी और बेटियों ने साठ तरह के फूल पत्तियों से बनीं साठ किलो की आकर्षक माला पहनाई। विदेशों से आए भक्तों ने साध्वी को सोने का मुकुट पहनाया और चांदी की शिलाओं से तुलादान किया और पारंपरिक गीत गाए। इससे पूर्व साध्वी ऋतंभरा के जीवन पर बनाई गई 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री को दर्शाया गया। इस दौरान वात्सल्य ग्राम की बेटियों ने नृत्य नाटिका का जीवंत मंचन किया।