सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज तेजी से बदल दिया है। बीते तीन दिनों के आंकड़े देखें तो तापमान में लगभग तीन डिग्री गिरावट दर्ज की गई है। सूर्यनारायण भी बादलों की ओट लेकर सर्दी से बचाव का इंतजाम खुद करने को कह रहे हैं। ठंड की दस्तक भले सुहानी है लेकिन बदलते वातावरण में स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है।
बीते चार दिन से तापमान में तीन डिग्री की गिरावट है। शनिवार को रात का तापमान 7 डिग्री और दिन का 18 डिग्री तक पहुंच गया है। हालांकि यह अभी शुरूआत है। राया शोध केेंद्र प्रभारी डा. श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि सर्द हवाओं से तापमान में और तेजी से गिरावट आएगी। इसका असर आम जनजीवन पर साफ नजर आ रहा है। सर्द हवाएं मौसम में ठिठुरन बढ़ा रही है। शनिवार को तो सूर्यनारायण ही बादलों से बाहर नजर नहीं आए। गर्म कपड़ों में पैक होकर निकले स्कूली बच्चे भी कंपकपाते हुए स्कूल बस तक पहुंचे। बाजारों में भी ठंड का प्रभाव रहा। इधर दिसंबर माह के द्वितीय शनिवार का अवकाश कर्मचारियों ने रजाई में चाय की गरमाहट और पकोड़ों के साथ बिताया।
मुसीबत में बेसहारा
खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले बेसहारा मुसीबत में हैं। अचानक मौसम के बदलने से अब तक न तो अलाव की व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर की गई है और न ही रैन बसेरा का प्रबंध हो सका है।
स्वास्थ्य का रखना ध्यान, लापरवाही कर देगी परेशान
सर्द हवाएं सांस रोगियों के लिए ज्यादा खतरनाक हैं। खास कर जब वह जुकाम-खांसी की चपेट में हों। उनकी सांस उखड़ने के अलावा बलगम भी जकड़ जाता है। एसएन मेडिकल कालेज के वरिष्ठ फिजीशियन डा. प्रशांत प्रकाश का कहना है कि दवाएं नियमित लें और चिकित्सकीय परामर्श पर इनहेलर का इस्तेमाल करें। बाल रोग विशेषज्ञ डा. नीरज यादव का कहना है कि इस मौसम में बच्चे वायरल की चपेट में तो आते ही हैं, निमोनिया का खतरा 40 फीसदी तक बढ़ जाता है। साफ-सफाई का ध्यान रख बच्चों को गर्म रखने वाला भोजन दें।
सावधानी
- बाहर निकलते वक्त कान जरूर ढकें।
- ठंडे भोजन और पेय पदार्थों से बचें।
- सूप, गुनगुना पानी पियें।
तापमान दिन रात
बुधवार 21 10
गुरुवार 19 9
शुक्रवार 19 8
शनिवार 18 7