आला अधिकारियाें की अनुमति के बिना ही शिक्षकों का वेतन रोक देना लिपिक पर भारी पड़ गया। नवागत बीएसए ने चौमुंहा के लिपिक को इस अनियमितता के लिए सस्पेंड कर दिया। साथ ही गैर जिम्मेदाराना रवैए के लिए एबीएसए का एक दिन का वेतन भी रोक दिया है।
बेसिक शिक्षा परिषद के विकासखंड चौमुंहा के लिपिक डिप्टी सिंह ने बीएसए अथवा खंड शिक्षा अधिकारी चौमुंहा की अनुमति के बिना ही मनमाने तरीके से 12 शिक्षकों का वेतन रोक दिया। इसकी शिकायत जब नवागत बीएसए शौकीन सिंह यादव से की गई तो उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए क्लर्क डिप्टी सिंह पर कार्रवाई की। खंड शिक्षा अधिकारी चौमुंहा शशांक शेखर शुक्ला का एक दिन का वेतन भी रोका गया है।
क्योंकि उन पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षकों के वेतन बिल को बिना देखे ही पारित कर दिया था। इस बिल में 12 शिक्षकों का वेतन बिल नहीं था। खंड शिक्षा अधिकारी ने इस बारे में क्लर्क से पूछताछ भी नहीं की थी।