मथुरा। नगर निगम क्षेत्र अवैध होर्डिंग और बैनर-पोस्टर से अटा हुआ है। नगर निगम को इसकी कोई चिंता नहीं है। राजनीतिक और व्यावसायिक होर्डिंग मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक में होर्डिंग्स बोर्ड लगाए हैं।
इससे शासन के आदेश की धज्जियां उड़ रहीं हैं, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। सियासत चमकाने की होड़ में राजनीतिक और संगठनों के लोग शहर को बदरंग कर रहे हैं। होर्डिंग नीति के प्रावधानों को दरकिनार कर ये लोग जगह-जगह होर्डिंग और पोस्टर लगा रहे हैं। हालात यह है कि सरकारी जगहों पर भी धड़ल्ले से फ्लैक्स व होर्डिंग्स लग रहे हैं। घरों और प्रतिष्ठानों की छतों पर लगे होर्डिंग पड़ोस में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं, कि कहीं किसी दिन तेज हवा में गिर न जाए। मोतीकुंज, हाईवे किनारे और अन्य ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां होर्डिंग और बैनरों का अड्डा बना हुआ है।
बैनर व होर्डिंग्स के लिए पंजीकरण जरूरी
किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान व अन्य प्राॅपर्टी पर दो फीसदी से ज्यादा क्षेत्र में होर्डिंग्स हैं तो उनके लिए पंजीकरण बहुत जरूरी है। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कराया जा सकता है। साथ ही निगम के अधिकारियों से संपर्क करके भी यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है। मंजूरी के बाद स्थान के आधार पर राशि भी तय की जाती है। इसके बाद नगर निगम की ओर से बैनर व होर्डिंग्स लगाने का निर्धारित समय दिया जाता है।