मथुरा के शहरी क्षेत्र में 10 फीसदी से अधिक और ग्रामीणों क्षेत्रों में पांच फीसदी के करीब जमीनों के सर्किल रेट लागू किए गए हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में हकीकत में जमीनों के दाम दस गुना तक हैं।
नई दरों के हिसाब से सबसे अधिक असर शहर के प्रमुख मार्गों, वाणिज्यिक क्षेत्र और प्रसिद्ध मंदिरों के आसपास की संपत्तियों पर देखने को मिलेगा। इन हॉटस्पॉट इलाकों में जमीन, दुकान और मकान खरीदना अब आम आदमी के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होगा। आवासीय क्षेत्रों में करीब 10 फीसदी की वृद्धि और औद्यौगिक क्षेत्रों में 10 से 15 फीसदी वृद्धि की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पांच फीसदी सर्किल रेट लागू किए गए हैं। एसडीएम एफआर डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि सभी आपत्तियों का गंभीरता से निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित दरों पर ही सोमवार को अंतिम मुहर लगाई गई है।
खरीदारों को चुकाना होगा अधिक स्टांप शुल्क
अधिकारियों का दावा कि नई दरों के लागू होने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री लागत में इजाफा होगा। खरीदारों को अब संपत्ति के सौदों पर पहले के मुकाबले अधिक स्टांप शुल्क चुकाना होगा, जिसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा। साथ ही प्रशासन के राजस्व में इजाफा होगा।
इन क्षेत्रों में ये होंगी दरें
क्षेत्र -पहले की दरें -नई दरें
होली गेट बजार-54000-62000
कृष्णा नगर बाजार-72000-82000
चौक बाजार-44000-55000
डैंपियर नगर-57000-65000
धौलीप्याऊ-47000-54000
यमुना ब्रिज से लक्ष्मीनगर तिराहे तक-20000-24000
महाविद्या-36000-41000
वृंदावन विद्यापीठ चौराहा-36000-40000
इस्काॅन मंदिर-60000-75000
औद्यौगिक क्षेत्र साइट-ए-7000-8000
औद्यौगिक क्षेत्र साइट-बी-4000-4600
(नोट आंकड़े प्रति वर्ग मीटर में हैं। )