राष्ट्रपति की पुत्रवधू चित्रलेखा मुखर्जी ने मंगलवार की रात को छटीकरा मार्ग स्थित नंदनवन में कन्हाई आर्ट गैलरी का अवलोकन किया। राधा-कृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित स्वर्ण चित्रकारी को देख वह भावविभोर नजर आईं।
उन्होंने कहा कि विश्व में कन्हाई चित्रकारी अपने आप में चित्रकला की एक नई विधा है। पद्मश्री स्वामी कन्हाई चित्रकार इसके जनक थे और उनके दोनों पुत्र कृष्णा और गोविंद कन्हाई ने इस कला को बढ़ावा देते हुए भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक इसकी पहुंच बढ़ाई है।