थाना गोविंद नगर की चामुंडा कॉलोनी वन दुर्गा मंदिर के पास की रहने वाली 80 वर्षीय शीला देवी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कहा है कि 2005 में उनके पति मगन लाल की मृत्यु के बाद बेटा, बेटी, बहू पराए हो गए। घर का बड़ा पुत्र अनिल चतुर्वेदी उर्फ टिल्लू, पुत्रवधू मीना, बेटी पूजा पर उन्होंने विश्वास किया।
बुजुर्ग ने रिपोर्ट में कहा कि धोखाधड़ी करके चल अचल संपत्ति तो अपने नाम करा ली, साथ ही पति ने जो एफडी कराई उसे भी अपने कब्जे में कर लिया। झूठा मुकदमा दर्ज कराकर एफडी के भुगतान में रुकावट पैदा कर दी।
पीड़िता के अनुसार उनका बड़ा पुत्र अनिल चतुर्वेदी उर्फ टिल्लू, पुत्रवधू मीना, बेटी पूजा और पुत्रवधू का भाई कुलदीप चतुर्वेदी उसे बीमारी की हालत में बैंक ले गए। यहां बैंक प्रबंधक से सांठगांठ करके लॉकर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, जमीनों के कागजात भी अपने कब्जे में कर लिए।
संपत्ति अपने नाम करने के बाद घर से निकाल दिया। उनके छोटे पुत्र पंकज चतुर्वेदी को अपनी मां हालत नहीं देखी गई और वह उनकी सेवा में जुट गया। जेठ का बड़ा पुत्र जितेंद्र चतुर्वेदी भी उनकी सेवा करता है, लेकिन पुत्रवधू का भाई कुलदीप जो कि अधिवक्ता है वह आए दिन झूठे प्रार्थना पत्र देकर उनकी सेवा करने वाले पुत्र पंकज और जेठ के बेटे जितेंद्र को परेशान करता रहता है।
उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने की काफी कोशिश की, लेकिन अधिवक्ता के दबाव में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। डीआईजी आगरा के यहां गुहार लगाई, तब जाकर 15 जनवरी को गोविंद नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, रिपोर्ट दर्ज हुए 15 दिन हो चुके हैं। लेकिन पुलिस ने अभी तक मुकदमे में कोई कार्रवाई नहीं की है। थाना प्रभारी गोविंद नगर कमलेश सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।