औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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यमुना एक्सप्रेस वे के मांट टोल पर रविवार को कानपुर के कमिश्नर के पीए को पुलिस ने पकड़ लिया। वह अपनी कार से नीली बत्ती लगाकर चल रहे थे। पुलिस ने उनकी स्कार्पियो पर लगी नीली बत्ती उतरवा कर चालान कर दिया। तिहाड़ जेल के डाक्टर, एसीजेएम, और दो अन्य अधिकारियों की गाड़ी से भी नीली बत्ती उतवाई गई।
सीओ मांट संजय कुमार के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेस वे के मांट टोल पर गाड़ियों पर अवैध रूप से लगीं नीली बत्ती एवं यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। शाम को चेकिंग के दौरान पुलिस ने नीली बत्ती लगी स्कार्पियो गाड़ी रोक कर पड़ताल की तो उसमें सवार दुवेश द्विवेदी ने अपने आप को कानपुर में कमिश्नर का पीए बताया। सीओ ने उन्हें नीली बत्ती लगा कर चलने का अधिकार न होने की बात कही।
पीए ने रौब झाड़ने की कोशिश की लेकिन सीओ ने गाड़ी से बत्ती उतरवाने के साथ ही चालान काट दिया। तिहाड़ जेल में मेडिकल आफीसर डा. विवेक दिवाकर, कुंडा के एसीजेएम और डीसी त्रिपाठी डीडी खुफिया राजस्व विभाग की गाड़ी पर नीली बत्ती लगी होने पर चालान किया। सीबीआई के एक जज की गाड़ी पर भी नीली बत्ती का दुरुपयोग देखकर सीओ अवाक रह गए।
गाड़ी में जज के न होने पर भी नीली बत्ती जल रही थी। टोल चौकी प्रभारी राजकुमार गिरि ने बताया चेकिंग के दौरान पुलिस ने पांच गाड़ियों से नीली बत्ती उतरवाई। नियमों के उल्लंघन में दो दर्जन वाहनों का चालान कर समन शुल्क वसूल किया। मांट पुलिस ने बीते कुछ दिनों में करीब 80 वाहनों से अवैध लाल और नीली बत्ती उतरवाई है। इनको कोर्ट के माध्यम से नोटिस भी दिए जा रहे हैं।
कानपुर के कमिश्नर के पीए, कुंडा के एसीजेएम, तिहाड़ जेल के डाक्टर, सीबीआई के एक जज और एक राजस्व अधिकारी की गाड़ी पर नीली बत्ती का दुरुपयोग पाया गया। गाड़ी से बत्ती उतरवाकर चालान किया गया।
संजय कुमार, सीओ मांट