राया (मथुरा)। सोनई के सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र पर ताला लगा होने से शनिवार रात को महिला ने गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। उपचार के अभाव में नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की भी हालत बिगड़ गई। परिजनों के हंगामा करने पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया है। चिकित्सा प्रभारी के स्टाफ नर्स पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कस्बा राया के गांव सुमेरा निवासी राजीव की पत्नी विनीता को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनई ले गए। वहां गेट पर ही ताला लटक रहा था। वहां न ही चौकीदार था न ही स्टाफ नर्स। काफी देर के बाद आए चौकीदार ने गेट को खोला, इससे पूर्व ही महिला ने गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
चिकित्सा के अभाव में नवजात की मौत हो गई, जबकि महिला की तबियत भी बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर चौकी प्रभारी बिचपुरी विक्रांत सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को समझाकर मामला शांत किया।
हंगामे के बाद पहुंचे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज ने बताया कि रात को स्टाफ नर्स मीना शर्मा की ड्यूटी थी, उन्होंने दूसरी स्टाफ नर्स के साथ ड्यूटी इंटरचेंज की। इसके बाद भी दोनों में से कोई ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि संबंधित स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की जाएगी।
विनीता के पति राजीव ने बताया कि जब वह अपनी पत्नी को यहां लेकर आया तो यहां चौकीदार, स्टाफ नर्स और डॉक्टर मौजूद नहीं थे। चिकित्सा के अभाव में उसके नवजात शिशु की मौत हुई है। पहले भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनई पर इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। नवजात शिशु की मौत पर प्रसूता की हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय मथुरा रेफर कर दिया गया है।
जिस समय महिला को लाया गया था उस समय अस्पताल में स्टाफ नर्स नहीं थी, इसी लापरवाही को लेकर संविदा समाप्ति के लिए लिखा गया है। इस मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि बच्चा मृत ही पैदा हुआ था।
- डॉ. अनुज चौधरी, राया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी
अगर स्टाफ नर्स ने ड्यूटी इंटरचेंज कर ड्यूटी नहीं दी गई है तो यह गंभीर मामला है। वह इस मामले की जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. शेर सिंह, सीएमओ