चैतन्य महाप्रभु वृंदावन आगमन पंचशती समारोह समिति की ओर से बुधवार को नगर में अक्रूर घाट से इमलीतला सिद्धपीठ तक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसमें पुरी उड़ीसा, पश्चिम बंगाल सहित ब्रजमंडल के विभिन्न प्रांतों से गौड़ीय संप्रदाय के सैकड़ों साधु-संत शामिल हुए।
मृदंग, मंजीरा, ढोल आदि वाद्ययंत्रों की धुन पर सभी हरिनाम संकीर्तन करते चल रहे थे। इसमें शामिल चैतन्य महाप्रभु की प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
शोभायात्रा अक्रूर घाट से शुरू होकर पागलबाबा मंदिर, अटल्ला चुंगी, राधानिवास, चुंगी चौराहा, पत्थरपुरा, गोपीनाथ बाजार, राधारमण मंदिर होते हुए इमलीतला पहुंची।
विदेशी भक्तजन भी हरिनाम संकीर्तन की धुन पर नाचते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा का जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
इस अवसर पर आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, भक्तिवेदांत मधुसूदन महाराज, महंत फूलडोल बिहारी दास, महंत प्रेमदास शास्त्री, महंत तमालकृष्ण दास, भक्ति प्रपन्न तीर्थ महाराज, भक्ति प्रसाद साधु महाराज, सांगर ठाकुरदास, प्रेमदास शास्त्री, सुबल दास, निष्किंचन महाराज, डा. विनोद बनर्जी, जगन्नाथ पोद्दार आदि उपस्थित रहे।