मथुरा। एसआईआर अभियान के दौरान गिरोह द्वारा मोटी रकम वसूलकर सैकड़ों लोगों के फर्जी तरीके से जन्मप्रमाण पत्र बनाने की बात सामने आई है। इसमें बाहरी लोगों के जन्मप्रमाण पत्र बनाने की भी आशंका है। ऐसे ही तमाम बिंदुओं पर पुलिस की सुई घूम रही है। मामले में पंचायत सचिव की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, लेकिन डीपीआरओ ने जांच शुरू करा दी है।
पुलिस के मुताबिक, अधिकतर जन्मप्रमाण पत्र छाता ब्लॉक की ग्राम पंचायत फालिन और गुहिता दसविस्वा क्षेत्र में बनाए गए हैं। इसलिए पंचायत सचिव की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि माना जा रहा कि पंचायत सचिव की आईडी हैक करने के बाद आरोपियों ने फर्जी जन्मप्रमाण पत्र बनाने का खेल शुरू किया था। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि एडीओ पंचायत श्याम सुंदर को मामले की जांच सौंपी है। वह फालिन और गुहिता दसविस्वा के ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और बनाए गए फर्जी जन्मप्रमाण तलाशेंगे। सीओ आशना चौधरी ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। गिरोह में शामिल होने वाले अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस की टीम भी गांव जाकर जांच करेगी।