जिले के दर्जनों पीसीएस अफसर और कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में है। कलक्ट्रेट परिसर में जहां इन अफसरों का कार्यालय स्थापित है, उसके एक हिस्से में छत गुरुवार को धराशायी हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब कार्यालय खुला नहीं था, लेकिन इसने अफसरों को भयभीत कर दिया है।
कलक्ट्रेट स्थित पुराने प्रशासनिक भवन को कई साल पहले निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। इसमें डीएम की पुरानी कोर्ट भी शामिल है। इस भवन का निर्माण 1861 में किया गया था लेकिन उपयोग वर्तमान में भी किया जा रहा है। यहां कई पीसीएस अफसर और कई कर्मचारी बैठते हैं।
सरकारी कार्यालय होने के कारण वादकारियों का आवागमन भी यहां रहता है। इसके एक हिस्से की छत गुरुवार को धराशायी हो गई। गुरुवार को कार्यालय समय के अनुसार अपर उपजिलाधिकारी कोर्ट का ताला खोला गया तो छत जमीन पर थी। यह देख कर्मचारी दंग रह गए।
इसकी सूचना तत्काल ही उच्च अधिकारियों को दी गई। तत्काल मलवा हटाया गया। कार्यालय बंद होने के दौरान हुए इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। लेकिन, कर्मचारी भयभीत हैं। इस कोर्ट में खुद अपर उपजिलाधिकारी वादों की सुनवाई करते हैं।