लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर राजस्थान, हरियाणा भाग जाने वाले अपराधियों पर 252 नाइट विजन कैमरों से नजर रखी जाएगी। जनपद के प्रमुख मार्गों, तिराहों और चौराहों पर ये कैमरे लगाए जाएंगे।
मथुरा की ज्यादातर सीमा हरियाणा और राजस्थान राज्य से सटी है। पुलिस की एक बड़ी समस्या वारदात के बाद अपराधियों के दूसरे जनपद में चले जाने की है। उनके बारे में कोई सुराग ही नहीं लगता। अब जनपद के 84 किलोमीटर इलाके में कैमरों का संजाल कायम करने की योजना है।
ये कैमरे नाइट विजन होंगे। मुख्य रूप से मथुरा-भरतपुर मार्ग, मथुरा-अलीगढ़-हाथरस मार्ग के तिराहों और चौराहों पर इनको लगाया जाएगा। शहर के अंदर प्रमुख तिराहों-चौराहों और अन्य स्थानों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी रिकार्डर भी लगेंगे।
सभी कैमरों को एक आधुनिक कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। वैसे इस संबंध में दो साल पूर्व प्रस्ताव भेजा गया था। तत्कालीन एसएसपी प्रदीप यादव के बाद प्रस्ताव को संशोधित कर एसएसपी नितिन तिवारी ने भी भेजा था। अब उस मामले में फाइनल प्रस्ताव भेजा गया है।
शहर में काम कर रहे 16 आधुनिक कैमरे
शहर में कैमरे लगाकर अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें गोवर्धन चौराहा, डीग गेट, भरतपुर गेट, चौक बाजार, होलीगेट सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर नाइट विजन और हाईजूम कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों ने काम करना शुरू कर दिया है।