‘अमर उजाला’ ने जवाहर बाग कांड के संबंधित खबरों को अभियान के तहत प्रकाशित किया। मंगलवार के अंक में प्रकाशित खबर सीबीआई गाजियाबाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी खबर की भी पुष्टि हो गई। मंगलवार को सीबीआई के जांच अधिकारी डिप्टी एसपी दीपक गौड़ ने 770 पेज की चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल कर दी।
मथुरा के जवाहर बाग में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान दो जून 2016 को हुई वारदात की आखिरकार सीबीआई ने पांच वर्ष बाद सीबीआई अदालत (गाजियाबाद) में चार्ज शीट दाखिल कर दी। अब धीरे-धीरे परतें खुलेंगी कि किस तरह मुख्य अभियुक्त रामवृक्ष यादव ने सौ एकड़ से अधिक में बने जवाहर बाग पर कब्जा कर फौज तैयार कर पुलिस को चुनौती दी थी। किस प्रकार तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, थानाध्यक्ष संतोष यादव समेत 29 लोगों की जान चली गई। हालांकि सीबीआई की रिपोर्ट में मृतकों की संख्या महत्वपूर्ण जानकारी होगी।
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‘अमर उजाला’ ने जवाहर बाग कांड के संबंधित खबरों को अभियान के तहत प्रकाशित किया। मंगलवार के अंक में प्रकाशित खबर सीबीआई गाजियाबाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी खबर की भी पुष्टि हो गई। मंगलवार को सीबीआई के जांच अधिकारी डिप्टी एसपी दीपक गौड़ ने 770 पेज की चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल कर दी। सीबीआई को यह जांच हाईकोर्ट के आदेश पर 2 मार्च 2017 को सौंपी गई थी। सीबीआई की चार-चार टीम पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में जमी रहीं और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। सीबीआई प्रत्येक अभियुक्त के घर तक भी गई, यहां तक कि प्रत्येक अभियुक्त के घर पर फोन किया। चार अभियुक्त जेल में ही मर गए थे।
अभियुक्तों के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि मरने वालों की संख्या पर सीबीआई की रिपोर्ट वास्तव में देखने वाली होगी। जिस समय पुलिस ने जवाबी हमला किया उस समय जवाहर बाग में करीब 3000 से अधिक लोग थे। उनमें से कुछ लोग तो बाहर आ गए बाकी के लोग कहां गये इसकी जानकारी होना बहुत जरुरी है। बताया कि वह गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट तक वारदात मे फंसे गरीब मजदूर वर्ग की पैरवी करेंगे। बहुत से अभियुक्त पैरवी करने में सक्षम नहीं हैं। जिन लोगों ने इस केस में सीबीआई के सामने पेश होकर गवाही दी है। अब सीबीआई कोर्ट में गवाही देनी पड़ सकती है।