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Mathura News: दो साल पहले सिविल जज की अदालत में दायर किया था वाद

Tue, 02 May 2023 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर मौजूद ईदगाह को हटवाने के लिए सबसे पहले अदालत का द्वार खटखटाने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के वाद को हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए सिविल जज की अदालत भेजा है। हाईकोर्ट ने जिला जज राजीव भारती द्वारा रंजना के केस में दी गई ओपीनियन को स्थगित कर दिया है। मुस्लिम पक्ष ने जिला जज मथुरा द्वारा केस की पोषणीयता पर दिए गए निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि केस की सुनवाई सिविल जज की अदालत में मथुरा में होगी।
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25 सितंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के माध्यम से 13.37 एकड़ जमीन पर मौजूद ईदगाह को हटाने को लेकर दावा सिविल जज की अदालत में पेश किया। जिसे 30 सितंबर 2020 को अदालत ने खारिज कर दिया। वादी रंजना अग्निहोत्री ने निचली कोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ जिला जज की अदालत में चुनौती दी। जहां पर मुस्लिम पक्ष ने दलील दी कि केस सुने जाने योग्य नहीं है।

जिला जज ने लंबी बहस के बाद 19 मई 2022 को केस को सुने जाने योग्य माना और उसे दर्ज करने के आदेश किए। अभी केस की सुनवाई आगे बढ़ती कि ईदगाह पक्ष ने जिला जज के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका। इस याचिका की सुनवाई शुरू होते ही सिविल जज सीनियर डिवीजन में चल रहे उनके केस को स्टे कर दिया। हाईकोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने कहा कि केस सुने जाने योग्य नहीं है और केस की पोषणणीयता को लेकर पुन: सुनवाई की मांग की। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सोमवार को केस को सुनवाई सिविल जज की अदालत में भेज दिया।
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यह जानकारी देते हुए रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि अब उनके केस की सुनवाई मथुरा में ही की जाएगी। ईदगाह पक्ष द्वारा केस की पोषणीयता को लेकर जो विरोध किया गया था उसे अदालत ने खारिज कर दिया है। उधर ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि इसमें हमारी जीत हुई है। जिला जज द्वारा पोषणीयता संबंधी दिए गए ओपनियन को खारिज कर दिया है। अब इस केस में नए से सिरे से सिविल जज की अदालत में सुनवाई की जाएगी।


13 केस चल रहे हैं अदालत में लंबित

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहाेत्री, मनीष यादव, महेंद्र प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह मूर्ति संबंधी, पवन शास्त्री, दिनेश शर्मा, दिनेश शर्मा मीना मस्जिद, अनिल त्रिपाठी, जितेन्द्र विसेन, गोपाल गिरी, आशुतोष पांडेय, कौशल किशोर ठाकुर, शैलेन्द्र सिंह के केस लंबित हैं।

हिंदू सेना के वाद में हो चुका है अमीन रिपोर्ट का आदेश

हिंदू सेना के वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वारा ईदगाह की अमीन रिपोर्ट मंगाए जाने का आदेश किया था परंतु मुस्लिम पक्ष के विरोध के चलते उसे रोक दिया गया। अदालत में मुस्लिम पक्ष द्वारा केस की पोषणीयता पर सवाल उठाए और कहा था केस सुने जाने योग्य नहीं है। अदालत में सबसे पहले वाद दर्ज कराने वाले एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि उनका केस 23 दिसंबर 2020 को दर्ज हुआ था।

हिंदू महासभा ने बांटी मिठाई
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा है कि मुस्लिम पक्ष इस मुकदमे को खारिज कराना चाहता था परंतु ऐसा नहीं होगा। अब इस केस पर पुन: सुनवाई होगी।
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