मथुरा में एक जमीन कारोबारी महिला की शिकायत पर अदालत के आदेश से रालोद एमएलसी योगेश चौधरी सहित पांच लोगों के खिलाफ पांच करोड़ रुपये की चौथ मांगने और धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। वहीं एमएलसी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है।
मथुरा के जैंत क्षेत्र में करोड़ों की जमीन का धोखाधड़ी से फर्जी कागजात बनवा कर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया गया है। कारोबारी महिला ने इस मामले में राष्ट्रीय लोकदल के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) योगेश चौधरी (नौहवार) सहित पांच लोगों के विरुद्ध अदालत के आदेश पर पांच करोड़ की चौथ मांगने, धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनवाने और धमकाने की प्राथमिकी थाना हाईवे में दर्ज कराई गई गई है। एमएलसी ने इस प्राथमिकी को भूमाफिया गिरोह की साजिश बताया है।
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कलाकुंज कॉलोनी, भूतेश्वर की रहने वाली निधि अग्रवाल ने दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि वह रामहरी एंटरप्राइजेज की साझीदार हैं। उनके पति हेमंत मित्तल जमीन के कारोबार में हाथ बंटाते हैं। उन्होंने जैंत में हाईवे के पास पांच एकड़ जमीन का सौदा दलालों के माध्यम से किया था। उन्होंने अपने साझीदारों के साथ उक्त जमीन की रजिस्ट्री वन टू वन रियल इन्फ्रा से जून 2024 में कराई थी।
इसके बाद जमीन को अनंतम हाईटेक सन सिटी को बेचकर दाखिला खारिज करा लिया। कुछ भूमाफियाओं की नजर जमीन पर पड़ी तो उन्होंने धोखाधड़ी से जमीन के फर्जी कागजात तैयार करा लिए। इसके बाद कारोबारी दंपती को धमकाने लगे। आरोप है कि योगेश ने पांच करोड़ रुपये की चौथ मांगी। कहा कि चौथ दो वरना हमारे पास जमीन के फर्जी कागजात हैं। कुछ माह पहले वन टू वन रियल इन्फ्रा के मालिक शक्ति मनचंदा की मृत्यु हो गई। इसके बाद राधापुरम स्टेट कॉलोनी निवासी योगेश चौधरी, यश चौधरी, मनीष अघलखा, शुभम अग्रवाल, कृष्ण मुरारी अग्रवाल निवासी राधा बैली ने साजिश के तहत इस जमीन की बाबत एक फर्जी डीड वन टू वन रियल इन्फ्रा के पूर्व साझीदार अमर बजाज, करन बजाज, मोहित बजाज निवासी फरीदाबाद के पक्ष में करवाई।
इसमें कहा कि वह अपनी फर्म का हिस्सा उक्त लोगों को दे रहा हूं, जोकि इसकी देखरेख करेंगे व मालिक होंगे। आरोप है कि चौधरी ने उनके पति को घर पर बुलाकर धमकाया और पांच करोड़ रुपये की चौथ मांगी। कारोबारी महिला ने इस बाबत थाना हाईवे में चौथ वसूली, धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने, धमकाने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह का कहना है कि अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।
छिपाए गए तथ्य, बदनाम करने की साजिश
इस संबंध में रालोद एमएलसी योगेश नौहवार ने बताया कि उन्हें बदनाम करने के लिए मुकदमा लिखवाने वाला एक गिरोह है। इस में महिला के साथ एसओजी का बर्खास्त सिपाही, दो वकील भी शामिल हैं। वह भी इस महिला व उसके पति व अन्य भूमाफिया के विरुद्ध दिसंबर 2025 और 22 जनवरी को दो प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं। यह भूमाफिया अब मथुरा से भाग निकले हैं। पुलिस इनसे जमीन के कागजात मांग रही है। यह मेरी छवि को खराब करने की साजिश है। जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। अहम बात यह है कि उनके विधायक होने का तथ्य छिपाया गया है। यदि उनके खिलाफ अदालत में भी जाना था तो एमपी-एमएलए कोर्ट इसके लिए अलग है।