कुख्यात अरुण फौजी गैंग का सक्रिय सदस्य योगेश आसपास के इलाकों में वाहनों की लगातार लूट कर रहा था। वह लक्जरी कार के चालकों को बंधक बना उनकी पिटाई करता और रास्ते में फेंक कर भाग जाता था। चोरी की कारों को वह बेच देता था।
एसएसपी डा. राकेश सिंह बताया कि सीओ महावन अजय कुमार के नेतृत्व में बलदेव पुलिस ने अरतौनी तिराहे से योगेश उर्फ यशपाल निवासी गांव ढाटौली गोंडा अलीगढ़, सूरज मंडल निवासी दुर्गा पट्टी फुटैना मधुबनी बिहार, मनीष पाल उर्फ बनी सिंह निवासी गांव खंडार थाना पहासू बुलंदशहर को पकड़ा है।
इनमें योगेश और सूरज दिल्ली की तिहाड़ जेल से कुछ माह पहले ही छूट कर आए थे। तीनों के कब्जे से पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर, आर्टिगा, हुंडई गेट्स कार, तीन तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। ये अरुण के जेल जाने के बाद मथुरा, आगरा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और बुलंदशहर में लगातार वाहन लूट कर रहे थे। तीनों पर दिल्ली, अलीगढ़ और मथुरा में छह से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
तिहाड़ में हुई योगेश- सूरज की दोस्ती
अरुण फौजी के साथी योगेश की सूरज से दोस्ती तिहाड़ जेल में हुई थी। इसके बाद दोनों ने दो और साथियों को लूट में शामिल कर लिया। बलदेव पुलिस ने बताया कि लूट के बाद वे बलदेव के गांव दघेंटा मेें मनोज नाम के युवक को 50 से एक लाख में लक्जरी कार बेचते थे। मनोज उन गाड़ियों को आगरा में बेचता है।