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UP: नवजात के लिए बेहद खतरनाक है डिब्बाबंद दूध... सेहत नहीं दे रहा बीमारी, माता-पिता हो जाएं सावधान

Fri, 05 Sep 2025 01:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

नवजात के लिए डिब्बाबंद दूध बेहत खतरनाक है। जिला अस्पताल में इसकी वजह से बीमार होने वाले चार से पांच नवजात पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें इस दूध का इस्तेमाल न करने की सलाह दे रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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शरीर को सुंदर बनाए रखने के लिए कुछ महिलाएं अपने बच्चों को ठीक तरह से स्तनपान नहीं करा रही हैं। यही नहीं नवजातों को बिना चिकित्सीय सलाह के गाय अथवा डिब्बे के दूध का सेवन भी करा रही हैं। इसके कारण नवजात कई बीमारी का शिकार हो रहे हैं। महिला जिला अस्पताल में रोजाना 4 से 5 नवजात इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें गाय और डिब्बे के दूध का इस्तेमाल न करने की सलाह दे रहे हैं।

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महिला जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जन्म के बाद छह माह तक शिशु के लिए मां का दूध अमृत होता है। मां के दूध में सभी प्रकार के पोषक तत्व होते हैं, जो कि बच्चों को शारीरिक और मानसिक विकास में सहायता करते हैं। वहीं आधुनिक युग में कुछ महिलाएं नवजातों को कम स्तनपान करा रही हैं। नवजातों की भूख मिटाने के लिए वह गाय का अथवा डिब्बे के दूध का अधिक प्रयोग कर रही हैं। जबकि गाय और डिब्बे का दूध बच्चों को बीमार कर रहा है।

उन्होंने बताया कि गाय का दूध पीने से नवजात को पाचन में कठिनाई, आयरन की कमी, एनीमिया, किडनी पर दबाव की समस्या होती है। गाय के दूध में आयरन और विटामिन सी की भी कमी होती है। जबकि इसमें प्रोटीन, सोडियम और पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। इसे नवजात के अपरिपक्व गुर्दे और आंत पचा नहीं पाती हैं। इसके साथ ही डिब्बे का दूध पिलाने से नवजात को दस्त, पेट में इंफेक्शन, गैस, कान का संक्रमण और एलर्जी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। डिब्बे (फॉर्मूला) के दूध में फाइबर की भी कमी होती है, जिससे कब्ज हो सकती है।
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डॉक्टर की सलाह
- जन्म के बाद छह माह तक बच्चों को केवल मां का दूध ही पिलाएं।
- मां का दूध दो भागों में आता है। पहले 10 मिनट का दूध प्यास बुझाता है, जबकि उसके बाद का दूध बच्चे को पोषक तत्व प्रदान करता है।
- नवजात को स्तनपान कराने के लिए समय जरूर निकालें। कम से कम 20 मिनट तक बच्चे को दूध पिलाएं।
- बच्चा यदि रो रहा है तो इसका कारण यह नहीं है कि वह भूखा है, उसके रोने के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
- यदि जुड़वा बच्चे हैं तो दोनों को अलग-अलग स्तन से दूध पिलाएं। ताकि दोनों बच्चों को पूरे पोषक तत्व मिले।
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