मथुरा। कान्हा की नगरी में तंबाकू और धूम्रपान के मरीजों की संख्या चिंताजनक है। तंबाकू सेवन से कैंसर होने के बाद भी लोग इसे खाना बंद नहीं कर रहे हैं। हर साल तंबाकू से कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग 6 जून तक तंबाकू का सेवन छोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।
डॉ. शीला शर्मा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में हर साल कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल में 2023 में 2585 मरीज, 2024 में 3005 और 2025 में 5 माह में 1525 लोगों को तंबाकू और धूम्रपान से कैंसर हुआ। ऐसे में हर साल कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. महेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिदिन 15 से 20 मरीज तंबाकू सेवन के बाद उनमें कैंसर के लक्षण मिलने के बाद वह आ रहे हैं। इसमें गले में कैंसर के मरीज ज्यादा हैं। इसके अलावा धूम्रपान से फेफड़ों में कैंसर, किडनी में कैंसर के लक्षण के मरीज भी बढ़े हैं।
डॉ. भावना शर्मा ने बताया कि तंबाकू का सेवन इतना खतरनाक है कि इससे शरीर के कई अंगों को नुकसान होता है। तंबाकू के सेवन से दांतों का रंग बदल जाता है। डॉ. प्रीतेश ने बताया कि तंबाकू का सेवन करने से मुंह में घाव हो जाते हैं, जो सही समय पर ठीक न होने पर अल्सर हो जाता है और आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेता है। इसके सेवन से शरीर के फेफड़े सिकुड़ने लगते हैं और दिल पर भी असर पड़ता है। वह लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
दंत ओपीडी में पहुंच रहे मरीज
जिला अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ मनोज कुमार गौड़ ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। इसके दांतों में दर्द से लेकर अन्य समस्याएं मिल रही हैं। सबको तंबाकू का सेवन और धूम्रपान नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
वर्जन
तंबाकू का सेवन छुड़ाने के लिए 6 जून तक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें तंबाकू से होने वाली बीमारियों के बारे में बताकर जागरूक किया जा रहा है। टीम गांव-गांव जाकर लोगों को इसके लक्षण भी बता रही हैं।
- डॉ. अजय कुमार वर्मा, सीएमओ