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ई-कॉमर्स कंपनियों को अनुमति देने से व्यापारी आक्रोशित

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मथुरा। लॉकडाउन के दौरान सरकार व्यापार-औद्योगिक गतिविधियों को फिर शुरू करने जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को व्यापारिक गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है। इससे व्यापारियों में आक्रोश है। नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित अन्य व्यापारिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।
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शनिवार को नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आवश्यक बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व मोबाइल द्वारा की गई। इसमें महामारी से उत्पन्न उद्योग व्यापार जगत पर छाई मंदी से उबरने के विषय पर चर्चा की गई। इस दौरान सरकार द्वारा विदेशी स्वामित्व वाले ई कॉमर्स कंपनियों को कारोबार करने की अनुमति देने पर विरोध जाहिर किया। अध्यक्ष राजेश बजाज ने सरकार से इस फैसले पर पुन: विचार का आग्रह किया। इस बैठक में निवर्तमान अध्यक्ष कृष्णा दयाल अग्रवाल, महामंत्री मनीष शोरावाला पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र हाथीवाले, प्रह्लाद खंडेलवाल, अमित जैन, मुकेश अग्रवाल, मुकेश सिंघल, आशुतोष गर्ग आदि शामिल हुए।
युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने भी इसका विरोध किया है। प्रांतीय मंत्री चिराग अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमित डिलीवरी ब्वॉय के माध्यम से फैलने की शिकायत आई हैं। पूर्व कोषाध्यक्ष सोनू हाथी वालो ने कहा कि सरकार को अपने देश के खुदरा व्यापारियों का दर्द समझना चाहिए। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मडंल के जिला महामंत्री अजय गोयल ने सरकार के ऑनलाइन व्यापार को 20 अप्रैल से चालू करने का प्रधानमंत्री के मेल एकाउंट पर विरोध दर्ज किया है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने भी विरोध किया है। अध्यक्ष रमेश चतुर्वेदी, सुनील कुमार अग्रवाल, रामचंद्र खत्री, किशोर इसरानी ने कहा है कि इससे छोटा और मध्यम श्रेणी का व्यापारी पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
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