मथुरा। आसमान में छाई स्मॉग की चादर और हवा की धीमी रफ्तार से प्रदूषण कई गुना बढ़ गया है। दमा और सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ गई है, लेकिन शहर में प्रदूषण का स्तर कितना है, यह तय कर पाना भी आसान नहीं है। नगर निगम की ओर से दर्शाए जा रहे आंकड़ों में एक्यूआई 433 दर्ज किया गया, वहीं यूपीसीबी के अनुसार एक्यूआई 130 रहा। दोनों विभागों के प्रदूषण के आंकड़ों में इतना अंतर कैसे हो सकता है। यह सवाल उठने लगे हैं।
तीन दिन से शहर में स्मॉग की चादर छाई हुई है। हवा की रफ्तार भी कम है। ऐसे में हवा में प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया है। कई इलाकों में तो लोगों को आंखों में जलन महसूस होने लगी है तो वहीं श्वांस रोगियों को घुटन महसूस हो रही है। जिला अस्पताल में भी दमा व सांस रोगियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। शहर में प्रदूषण कितना है, यह समझना भी आम आदमी के वश की बात नहीं है। नगर निगम के स्मार्ट सिटी की ओर लगाई गईं स्क्रीन आसपास के इलाके के एक्यूआई को दर्शाती है, इसमें एक्यूआई 433 दर्ज किया गया। वहीं सोमवार को उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक एक्यूआई 130 ही दर्ज किया गया। नगर निगम की स्क्रीनों पर अलग-अलग स्थानों पर प्रदूषण 300 और 400 के बीच दर्शाया जा रहा है।
दोनों ही विभागों के आंकड़ों में जमीन आसमान का अंतर है। आखिर लोग शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक का सच कैसे पहचानें। सांसों में घुल रहे जहर के बारे में आम आदमी को सटीक जानकारी ही नहीं मिल पा रही है।
इस संबंध में यूपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव बताते हैं कि सोमवार को एक्यूआई पिछले दो दिनों से बढ़ गया है। यह 130 के आसपास रहा। हम कोशिश करते हैं कि एक्यूआई 100 के नीचे रहे, लेकिन दिल्ली की नजदीकी और बाहरी लोगों के आवागमन से प्रदूषण बढ़ता है। जहां तक नगर निगम के आंकड़ों की बात है तो उसके बारे में हम नहीं बता सकते हैं।
सड़क निर्माण के दौरान उड़ रही धूल, नोटिस
यूपीसीबी की टीमों ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए औद्योगिक एरिया में दो इकाइयों को उत्पादन फिलहाल बंद करने को कहा है। वहीं चार स्थानों पर सड़क निर्माण कार्यों का मुआयना किया। दो जगह धूल उड़ती मिली, इन्हें नोटिस दिए गए हैं।
चार स्थानों पर यूपीसीबी के स्टेशन
वृंदावन
रिफाइनरी (टाउनशिप)
औद्योगिक एरिया साइट ए (महोली रोड)
सीटीपीसी
नगर निगम की पांच स्क्रीन
भूतेश्वर
कचहरी रोड
वृंदावन में दो
लक्ष्मी नगर