खुले में शौच मुक्त होने वाली ग्राम पंचायत की तो लॉटरी निकल आई है। राज्य सरकार अब इन गांवों में विकास कार्यों के लिए खुलकर धन आवंटित करेगी। साथ इन गांवों को सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा। जिले में अब तक 11 गांव खुले में शौच मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने का अभियान चल रहा है। चयनित गांवों में ओडीएफ टीम जाकर लोगों को खुले में शौच के नुकसान बताकर जागरूक कर रही हैं। ग्राम प्रधान सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी इन जागरूकता कार्यक्रमों का हिस्सा हैं। जिला स्तर के अधिकारी टीम के प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं। जिले में खुद मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने यह जिम्मेदारी संभाल रखी है।
टीम के प्रयासों से जिले में अब तक 11 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अब संबंधित ग्राम पंचायतों को राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं में प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जो गांव खुले में शौच मुक्त घोषित हो जाएंगे, उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर धनराशि आवंटित की जाएगी।
पंचायत घर के लिए 9 लाख
ओडीएफ गांवों को पंचायत घर के लिए राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर नौ लाख रुपये जारी करेगी। जिले में इसके तहत पहले 10 पंचायत घर के लिए राशि आवंटित होने की संभावना है।
श्मशान के लिए 26 लाख
प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर बनने वाले अंत्येष्टि स्थल (श्मशान) के लिए राज्य सरकार 26 लाख रुपये देगी। जिले में 10 ग्राम पंचायतों के लिए यह राशि जारी होगी।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 15 लाख
ओडीएफ गांव में सालिड वेस्ट के निस्तारण के लिए 13 से 15 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह राशि उन सभी ग्राम पंचायतों को मिलेगी जो खुले में शौच मुक्त घोषित कर दी जाएंगी।
लोहिया आवास में प्राथमिकता
लोहिया गांवों में गरीबों को मुफ्त आवास की सुविधा (लोहिया आवास) का लाभ ओडीएफ गांवों के कम आय वाले परिवारों को भी मिलेगा। इसमें प्रत्येक लाभार्थी को 3.05 लाख रुपये दिए जाएंगे।
शौचालय के लिए 12000
ओडीएफ गांवों में कम आय वाले परिवार को 12 हजार रुपये प्रति शौचालय की दर से भुगतान किया जाएगा। इसमें परिवार चाहे तो पंचायती राज विभाग के तहत शौचालय का निर्माण करा ले या खुद निर्माण कराने के बाद धनराशि प्राप्त कर सकता है।
राज्य सरकार ने खुले में शौच मुक्त होने वाले गांवों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब ऐसे गांवों को विकास में प्राथमिकता देने का फैसला किया गया है।
- राजेन्द्र प्रसाद यादव
जिला पंचायत राज अधिकारी