नौहझील। क्षेत्र के गांव मानागढ़ी स्थित विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता (जेई) और उनकी टीम के साथ बदसलूकी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने से नाराज दो सगे भाइयों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा किया। जेई की तहरीर पर थाना नौहझील पुलिस ने दोनों नामजदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, उपभोक्ता पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया है।
पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी के अनुसार 19 जून को दोपहर करीब एक बजे मानागढ़ी विद्युत उपकेंद्र के जेई ओमेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ राजस्व वसूली के लिए मानागढ़ी गांव पहुंचे थे। टीम में टीजी-2 राहुल सिकरवार समेत संविदाकर्मी इंद्रजीत, पप्पन, कुलदीप और विनोद शामिल थे। गांव में उपभोक्ता देवेंद्र उर्फ छोटू चौधरी पर 27,494 रुपये का विद्युत बिल बकाया होने के चलते टीम ने उनका कनेक्शन अस्थायी रूप से काट दिया। आरोप है कि कनेक्शन कटने से आक्रोशित उपभोक्ता देवेंद्र उर्फ छोटू अपने भाई सर्वेश के साथ दोपहर करीब 3 बजे विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचा। दोनों भाइयों ने उपकेंद्र परिसर में घुसकर जेई ओमेंद्र प्रताप सिंह और उनकी टीम से गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। जेई का आरोप है कि हमलावरों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, जरूरी दस्तावेज फाड़ दिए और जान से मारने की धमकी दी। जब टीम के सदस्य ने घटना की वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने मोबाइल फोन छीनकर फेंक दिया। सीओ अमरनाथ यादव ने बताया कि जेई ओमेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर दोनों नामजदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जा रही है।
इस मामले में उपभोक्ता के भाई सर्वेश चौधरी का कहना है कि क्षेत्र में बिजली न आने (लाइन फॉल्ट) की समस्या को लेकर एक दिन पूर्व उनके भाई देवेंद्र ने जेई के खिलाफ उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। सर्वेश का आरोप है कि इस शिकायत से बौखलाए जेई ने द्वेषभावना के तहत कार्रवाई की है। बकाया बिल पर उनके घर की बिजली काट दी। उन्होंने बताया कि इस तानाशाही कार्रवाई को लेकर केवल कहासुनी हुई थी। मारपीट और दस्तावेज फाड़ने जैसे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं।