गुरु शरणानंद महाराज के सानिध्य में रमणरेती आश्रम से शुरू हुई ब्रज चौरासी कोस यात्रा शनिवार को जटवारी से शेरगढ़ पहुंच गई। यहां कस्बावासियों ने ब्रजयात्रियों का जोरदार स्वागत किया।
पड़ाव स्थल पर शरणानंद महाराज ने कहा कि प्रभु भक्ति ही मोक्ष प्राप्त करने का एक मात्र मार्ग है। कलियुग में सच्चे मन से प्रभु प्रेम करने वाला प्रभु के दर्शन पा सकता है।
जीवन के हर मोड़ पर प्रभु को याद करने वाला ही प्रभु का सच्चा भक्त हो सकता है। ब्रजयात्रियों ने गोपीनाथ मंदिर, राधाबल्लभ, मदन मोहन, दाऊजी आदि मंदिरों में दर्शन किए।
अशोक कुमार के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने ब्रजयात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान पूनम, महावीर, दीपक, प्रवीन कुमार, पूरन लाल, श्याम, विष्णु कुमार गोस्वामी, डॉ. एके मिश्रा, द्वारिका प्रसाद तिवारी, हंसराज शर्मा, माया शर्मा, प्रमोद कुमार आदि शामिल थे।