भारतीय जनता पार्टी चौधरी लक्ष्मीनारायण की एंट्री से पंचायत चुनाव में सफलता का ख्वाब देख रही है। जाट बाहुल्य वाले मथुरा जिले की राजनीति में चौधरी लक्ष्मीनारायण जाटों के कद्दावर नेता माने जाते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पूर्व मंत्री को पार्टी में शामिल कर भाजपा ने आगामी जिला पंचायत चुनाव के लिए दांव खेला है।
चौधरी लक्ष्मीनारायण छाता विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए। वह कई अहम विभागों के मंत्री भी रह चुके हैं। चौधरी चरण सिंह के अनुयायी लक्ष्मीनारायण ने लोकसभा चुनाव में भी भाग्य आजमाया था। बीते कुछ माह से बसपा से अलग चल रहे चौधरी लक्ष्मीनारायण के भाजपा में शामिल होने के कयास लोकसभा चुनावों से पहले ही लगाए जा रहे थे। इन्हीं चर्चाओं के चलते बसपा ने चौधरी लक्ष्मीनारायण से किनारा किया।
कुछ माह खामोशी के बाद बीते दो माह से एक बार फिर उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं आम हुई। सोमवार को उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि प्रदेश संगठन ने इसके लिए जनपद स्तर से सहमति पहले ही ले ली थी। चौधरी लक्ष्मीनारायण के भाजपा में आते ही छाता क्षेत्र में भाजपा खासी उत्साहित है। मथुरा-वृंदावन विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो भाजपा की स्थिति जिले की सभी विधानसभा में दयनीय है। पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशी मुख्य मुकाबले में भी नहीं रहे।
अब भाजपा चौधरी लक्ष्मीनारायण के प्रभाव को संपूर्ण जनपद में मानते हुए नए जोश में नजर आ रही है। ख्वाब जिला पंचायत को लेकर अभी से तैयार होने लगे हैं। जिला पंचायत पर चौधरी लक्ष्मीनारायण का बड़ा प्रभाव है।