ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की प्राचीन परंपरा तोड़ने के मामले में सेवायतों के विरोध के बाद गुरुवार को मंदिर प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। प्रबंधन ने भोग प्रसाद बनाए जाने संबंधी अपना आदेश वापस लेने के साथ ही सेवायतों से यह सेवा करने का आग्रह किया है। इसके बाद गुरुवार को मंदिर के एक सेवायत के परिवार ने ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को दूधभात का भोग भी लगाया।
बता दें कि बुधवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की प्राचीन परंपरा के विपरीत मंदिर प्रबंधन ने भंडारी से ठाकुरजी की कच्ची रसोई में प्रसाद का निर्माण कराया था। इस पर मंदिर के पूर्व अध्यक्ष गौरव गोस्वामी सहित अन्य सेवायतों के कडे़ विरोध के बाद मंदिर प्रबंधन ने अपना फैसला वापस ले लिया और मंदिर सेवायतों से ही भोग की व्यवस्था संभालने का आग्रह किया।
मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने कहा कि आज सुबह रसोई की व्यवस्था प्रबंधन की ओर से नहीं बल्कि सेवायतों की ओर से की गई। ठाकुरजी को दूधभात का भोग लगाया गया। गुरुवार को राजभोग सेवाधिकारी और बांके बिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के निर्विरोध चुने गए सदस्य रजत गोस्वमी ने बताया कि ठाकुरजी के भोजन के लिए बड़ी हवेली से पक्की रसोई की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि मंदिर के सेवायत शरद बिहारी गोस्वामी की इच्छानुसार ठाकुरजी को दूधभात का भोग लगाया गया। दूधभात को शरद बिहारी गोस्वामी ने ही तैयार किया।