फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने की मची होड़

Thu, 07 Jul 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
जन्मस्‍थान से रथयात्रा
विज्ञापन
भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए भक्तों में होड़ मच गई। बलराम और सुभद्रा के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ जहां से गुजरा लोग भक्ति भाव से साथ हो लिए। संकीर्तन और नृत्य करते हुए भक्तों की टोली अद्भुत आनंद का वातावरण पैदा करती रही।
विज्ञापन


बुधवार को शाम पांच बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा सस्थान के तत्वावधान में पारंपरिक तौर पर विधिविधान से जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। पूर्व में भगवान जगन्नाथ, अग्रज बलराम, अनुजा सुभद्रा व श्रीचक्र के विग्रह को संकीर्तन की ध्वनि के साथ काष्ठरथ पर विराजमान कराया गया। आचार्यों ने तीनों विग्रह का शृंगार किया। 

रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ सहित तीनों विग्रहों के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान के प्रतीक चिन्ह और ध्वजा लिए दो अश्वारोही चल रहे थे। इसके पीछे भगवान की सवारी आने के सूचक ढोल, ताशा दल थे। बैंडों से निकल रही मधुर भक्तिपूर्ण संगीत की ध्वनियां लोगों को आनंदित कर रही थीं।
विज्ञापन

रथ यात्रा में शामिल हो रहे भक्त और साधु संत हरिबोल, जय जगन्नाथ का उच्चारण करते हुए चले। रथयात्रा में चैतन्य महाप्रभु, निताई-निमाई के युगल स्वरूप की झांकी सभी को आकर्षित कर रही थी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से शुरू होकर शहर के विभिन्न रास्तों से गुजरते हुए रथयात्रा श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पहुंची। अनेक स्थानों पर रथयात्रा का फूल बरसाते हुए लोगों ने स्वागत किया। 

यात्रा के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के प्रबंध कमेटी सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, चंद्रभानु गुप्ता, मुख्य अधिशासी राजीव श्रीवास्तव, विशेष कार्याधिकारी गिर्राज शरण, जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर, भगवान स्वरूप वर्मा, नारायन राय, अनुराग पाठक आदि रहे।


गौड़ियामठ से भी निकली रथयात्रा
बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान के साथ गौड़ियामठ ने भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली। इसमें देशी-विदेशी भक्त शामिल हुए। ढोल नगाड़ों पर नाचते गाते भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें