रंगीली गली से अबीर गुलाल से भरी हांडी, भोग प्रसाद, इत्र फुलेल और पान बीडा लेकर सखी रवाना हुईं। जैसे ही वह आगे बढ़ीं, श्रद्धालुओं की भीड उमड़ पड़ी। राधे राधे के जयकारों और फाग गीतों से पूरा कस्बा गूंज उठा।यह सेवा कई वर्षों से निभाई जा रही है। परंपरा के अनुसार सखी नंदगांव पहुंचकर गोस्वामी समाज को रंगीली होली का औपचारिक न्योता देती हैं।
नंदगांव में गोस्वामी समाज ने विधि विधान से स्वागत किया। अबीर अर्पित कर भोग लगाया गया और लठामार होली का निमंत्रण स्वीकार किया गया।बरसाना से उठा यह रंग बुलावा अब नंदगांव की गलियों में गूंजेगा। इसके साथ ही दोनों धामों में ऐतिहासिक लठामार होली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।