लाइन में दर्शन कराएं, यात्रियों की सुविधाओं का रखें ध्यान
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए डीएम-एसएसपी ने ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन(मथुरा)। ठा. श्रीबांकेबिहारी के श्रीचरणाें में नववर्ष मनाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु नगर में पहुंच चुके हैं। साल के अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इसे देखते हुए बृहस्पतिवार को डीएम पुलकित खरे, एसएसपी शैलेष पांडेय ने अफसरों के साथ ठा. श्रीबांके बिहारी मंदिर का निरीक्षण किया। अफसरों को निर्देश दिए कि लाइन में भक्तों को दर्शन कराएं। बाहरी वाहनों को प्रवेश न दें। सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखें, यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखें।
डीएम और एसएसपी ने मंदिर से लगे संपर्क मार्गों, मंदिर की गलियों और सड़कों और बाजारों का भी निरीक्षण किया। सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे और सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बांके बिहारी पुलिस चौकी पर एक घंटे आगामी तैयारियों को लेकर मंथन किया। एसएसपी ने बताया कि दर्शनार्थियों की सभी सुविधाओं के लिये आवश्यक प्रबंध किये जा रहे हैं। पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस की अतिरिक्त तैनात रहेगी। जिससे किसी भी भक्त के साथ कोई आपराधिक वारदात न हो सके। यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिये भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
होटल-गेस्ट हाउस फुल
वृंदावन के होटल-गेस्टहाउस और धर्मशालाएं भी श्रद्धालु पर्यटकों से फुल हैं। बृहस्पतिवार को मंदिर में भीड़ का दबाव बढ़ गया। सुबह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में तिल भर भी स्थान नहीं रहा।
पूरे देशभर से तीर्थयात्री प्रभु के चरणों में नव वर्ष मनाने के लिये आ रहे हैं। इसको देखते हुए ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में बृहस्पतिवार को सुरक्षा व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण किया। अधिकारी दोपहर में बांकेबिहारी पहुंचे और व्यवस्थाओं को परखा।
कोविड प्रोटोकाल की अनेदखी से डरे हैं स्थानीय लोग
ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज की नगरी में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री कोविड गाइड लाइन की अनदेखी से स्थानीय लोगों में बेचैनी है। कनकधारा फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ. लक्ष्मी गौतम ने कहा कि ठाकुरजी के दर्शनार्थ सुबह-शाम दर्शन बेला से घंटों पूर्व ही मंदिर से जुड़ी सभी संपर्क गलियों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग जातीं हैं, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी के साथ आने वाले तीर्थयात्रियों द्वारा कोरोना से बचाव हेतु घोषित गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर यहां के निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी हो सकता है। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत एवं इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी के अनुसार भक्तों की आस्था स्तुत्य है, लेकिन कोरोना जैसी महामारी की अनदेखी करके अत्यावश्यक सुरक्षात्मक उपायों के प्रति लापरवाही बरतने वाले आगंतुक दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या निसंदेह चिंताजनक है।
मंदिर के रास्तों पर अतिक्रमण हावी
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के रास्तों पर भारी अतिक्रमण है। मंदिर में दर्शन के लिए लगातार भीड़ बढ़ रही है। गलियाें और मुख्य मार्ग पर भीड़ है, लेकिन सड़कों और गलियों में हो रहे अतिक्रमण के प्रति जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस गंभीर नहीं है। अतिक्रमण की वजह से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित रमेश पुजारी का कहना है कि पुलिस अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में दर्शन की व्यवस्था में सुधार आए भी तो कैसे। वहीं गलियों और बाजारों में भट्टियां जल रहीं हैं।
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जूता चप्पल पहनकर घर नहीं जा पा रहे स्थानीय लोग
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की गलियों और आसपास रहने वाले लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। मंदिर की ओर जाने वाले लोग जूते चप्पल पहनकर नहीं जा सकते, अब ऐसे में उन लोगों की परेशानी और बढ़ गई है जो मंदिर के आसपास या गलियों में रहते हैं। पुलिसकर्मी इन्हें भी बाहरी बताकर जूते चप्पल उतरवा रहे हैं।