सेवायत आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी के कहा कि करोड़ों भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले आराध्य ठा. श्रीबांकेबिहारीजी कोई खिलौना नहीं हैं, जो दिनभर एक ही स्थान पर खड़े होकर दर्शन देते रहें।
वृंदावन के ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन समय में वृद्धि के विषय पर सेवायत समाज दो धड़ों में विभाजित दिखाई दे रहा है। एक धड़ा सेवाधिकारी इस मुहिम के पुरजोर विरोधी है।
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श्रीबांकेबिहारीजी की निकुंजभावी अष्टयाम सेवापद्धति पर आधारित दैनिक दर्शन वेला में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी को अनुचित मानने वाले प्राचीन परंपराओं के पोषक सेवायत समाज ने बिहारीपुरा में बैठक कर दर्शनावधि में विस्तार करने के प्रयासों पर विरोध दर्ज कराया।
बैठक में मंदिर के सेवायत शरद बिहारी गोस्वामी, प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी, गोपेश कुमार गोस्वामी, लालबिहारी गोस्वामी, अधिवक्ता हिमांशु गोस्वामी, अनंत बिहारी गोस्वामी, संदीप गोस्वामी, मयूर गोस्वामी, ऋषि गोस्वामी ने इस कदम को अनुचित ठहराया।
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वर्तमान परिस्थिति की जड़ पहचानते हुए रोजाना उमड़ने वाली अनियंत्रित भीड़ के आवागमन को नियंत्रित करने के उपाय होने चाहिए, न कि समय बढ़ाने के। सेवायत आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी के कहा कि करोड़ों भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले आराध्य ठा. श्रीबांकेबिहारीजी कोई खिलौना नहीं हैं, जो दिनभर एक ही स्थान पर खड़े होकर दर्शन देते रहें।