भाव सेवा के अंतर्गत मनौती पूरी होने पर ठाकुरजी के एक भक्त द्वारा बांकेबिहारी मंदिर के मुख्य द्वार को चांदी से मढ़वाया है। इस पूरी साज-सज्जा में 15 दिन और लगभग 35 किलो चांदी लगी है।
जन-जन के आराध्य ठाकुर श्री बांकेबिहारी महाराज की भाव-सेवा और ऐश्वर्य अनूठे हैं। मंदिर में वर्ष भर कई उत्सव होते रहते हैं। पिछले दिनों हरियाली अमावस्या पर मंदिर में 45 दिवसीय फूल बंगला महोत्सव का समापन हुआ। इधर ठाकुर बांके बिहारी महाराज के एक आस्थावान भक्त ने मनौती पूरी होने पर ठाकुरजी के मुख्य द्वार को चांदी से मढ़वाया है। गुरुवार की रात द्वार के चांदी निर्मित मेहराब को द्वार पर लगा दिया गया। बुधवार की सुबह जब भक्त मंदिर पहुंचे तो चांदी का द्वार देख दंग रह गए।
चांदी के द्वार को सौंदर्य प्रदान करने और कलात्मक ढंग से बनाने के कार्य में जयपुर और बनारस के साथ वृंदावन के कारीगरों ने भी सहभागिता की। मुख्य द्वार पर चांदी मढ़ने से मंदिर की शोभा और बढ़ गई है।
मंदिर के सेवायत विनय किशोर गोस्वामी, जुगल गोस्वामी जुग्गी, कौशल गोस्वामी बंटी ने बताया कि नई दिल्ली के प्रीतमपुरा निवासी रवि सिंघानिया और विजय सिंघानिया ने चांदी से द्वार को मढ़वाया है। बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि द्वारा पर चांदी मढ़वाने से पूर्व श्रद्धालु ने मंदिर प्रबंध कमेटी से स्वीकृति ली थी।