कदंब और कृष्ण लीलाओं के लिए विख्यात यमुना तट पर फिर हरियाली होगी। पक्षियों की चहचहाहट और उछलकूद करते हिरनों के झुंड दिखाई देंगे। विश्व बैंक के सहयोग से जिला प्रशासन मथुरा-वृंदावन के बीच यमुना किनारे को इसी तरह विकसित करने की योजना बनाई है। 400 एकड़ में फैला यह क्षेत्र एक पार्क बनेगा। विश्व बैंक इस पर 40 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है।
मथुरा और वृंदावन के मध्य यमुना किनारे यह 400 एकड़ जमीन फिलहाल वन विभाग के पास है। भू-माफिया यहां कब्जे का प्रयास करते रहे हैं। वर्तमान में यहां अधिकतर हिस्से पर कीकड़ के पौधे मौजूद हैं। जिला प्रशासन ने इस जमीन को प्रो-पूअर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत पार्क के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्तावित किया है।
विश्वबैंक ने प्रोजेक्ट के लिए 40 करोड़ खर्च करने की सहमति दी है। पार्क को पर्यटन का जरिया भी बनाया जाएगा। इसके लिए कृष्णकालीन कदंब और करील के वृक्ष रोपने की योजना है। इसके अलावा फलदार-फूलदार पौधे लगाने और हिरन, मोर आदि जीव-जंतुओं की मौजूदगी के प्रयास किए जाएंगे।