ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की बिगड़ती व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए मंदिर प्रशासक और मथुरा मुंसिफ ने कड़े आदेश दिए हैं। मंदिर प्रशासक ने मंदिर परिसर में भंडारा आयोजित कर प्रसाद वितरण पर रोक लगा दी है। आदेश की कापी मंदिर परिसर में जगह-जगह चस्पा कर दी गई है। 25 मई अमावस्या पर ठाकुर बांकेेबिहारी मंदिर के
सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी ने मंदिर के गेट नंबर एक के समीप चबूतरे पर भंडारा लगाया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया जहां भीड़ के कारण अफरा तफरी और अव्यवस्थाएं फैल गईं। वहीं, मंदिर गेट पर गंदगी होने हो गई। कर्मचारियों के आग्रह पर भी भंडारा नहीं रोका गया। इसके बाद प्रबंधन ने कड़ा रुख
अपनाते हुए प्रसाद सामग्री को उठवाकर अपने कब्जे में ले लिया। मंगलवार को अखंडानंद आश्रम आनंद कुटि के सच्चिदानंद दास और पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा द्वारा मंदिर प्रबंधक को दिए गए शिकायती पत्र के बाद मंदिर प्रशासक ने मंदिर सेवायतों के द्वारा मंदिर चबूतरे और प्रांगण में किसी प्रकार के भंडारे के आयोजन पर तत्काल प्रभाव
से रोक लगा दी है। उन्होंने आदेश में कहा कि अगर प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने अपने इस आदेश के अनुपालन के लिए कोतवाली प्रभारी और बांकेबिहारी पुलिस चौकी को भी जिम्मेदारी सौंपी है।