मथुरा। बकरीद की नमाज शाही ईदगाह मस्जिद में सोमवार को कड़ी सुरक्षा में होगी। प्रशासन की ओर से शहर को पांच सेक्टरों में बांटते हुए सेक्टर स्कीम लागू कर दी है। सभी सेक्टर के प्रभारी सीओ बनाए गए हैं।
मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में पुलिस के साथ ही पीएसी बल भी तैनात रहेगा। सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि शाही मस्जिद ईदगाह में सुबह 7:45 बजे बकरीद की नमाज पढ़ी जाएगी। यहां मुफ्ती मो. आसिफ नमाज अदा कराएंगे। फतवा हाफिज कदीर पढ़ेंगे। जामा मस्जिद में सुबह 7:15 बजे नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद खुतबा और कुर्बानी का रस्म अदा की जाएगी।
रविवार देर रात तक डीग गेट में बकरों का बाजार सजा रहा। लोगों ने त्योहार को लेकर जमकर खरीदारी की। बकरीद को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से खुफिया तंत्र को तैनात किया गया है। वह संदिग्धों की हरकतों पर नजर रखेंगे। शहरी क्षेत्र के अलावा जिले के राया, महावन, ओल, कोसीकलां, नौहझील आदि क्षेत्रों में मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि शांतिपूर्वक बकरीद सम्पन्न हो सके। शाही ईदगाह से लेकर देहात में मस्जिदों के आसपास पुलिस बल भ्रमण पर रहेगा। पुलिस, पीएसी, पीआरवी, क्यूआरटी टीमें अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करेंगी। खुफिया तंत्र भी अलर्ट रहेगा।
अराजकता फैलाने पर लगेगी रासुका
पुलिस की ओर से इस संबंध में समुदाय के लोगों के साथ बैठक भी की गई है। साथ ही चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार से अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
देर रात तक बाजार रहे गुलजार
बकरीद को लेकर शहर में रविवार को बाजार देर रात तक गुलजार रहे। 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक कीमत के बकरे बाजार में उपलब्ध है। त्योहार को लेकर महावन में लगने वाले पशु पैठ में बकरों की भारी संख्या में खरीद हुई। कोसीकलां में भी नगर के बाजार गुलजार रहे।
5200 लोगों ने बीते साल पढ़ी थी बकरीद पर ईदगाह में नमाज
बीते साल बकरीद पर 5200 लोगों ने शाही ईदगाह मस्जिद में नमाज पढ़ी थी। दरअसल, जन्मभूमि प्रकरण को लेकर यह विवादित स्थल है। हाल में नई सरकार बनी है। विपक्षी दलों की संसद में उपस्थिति मजबूत हुई है। उसी स्थिति को देखते हुए पुलिस पहले से अधिक सतर्क है।
सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी पर प्रतिबंध
बकरीद पर होने वाली कुर्बानी को लेकर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने साफ लहजे में कहा है कि महकमा पूरी तरह से अलर्ट है। जिले के सभी थानों के इंस्पेक्टर, सभी सीओ व प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा व कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। साफ निर्देश हैं कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। सार्वजनिक तौर पर अवशेष नहीं फेंके जाएंगे। इसके साथ ही प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर भी प्रतिबंध हैं। लोग शांति से त्योहार मनाए और भाईचारे को कायम रखें। अफवाहों व झूठी खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। पुलिस द्वारा विभिन्न संगठनों पर भी निगाह रखी जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी निगाह रखी जा रही है। मुस्लिम बाहुल्य बाजारों व मिश्रित आबादी वाले इलाकों में खासी निगरानी रखी जा रही है।