मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम की कैबिनेट मीटिंग में वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए बुधवार को 495 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें 348 करोड़ रुपये की आय का प्रावधान किया गया है। इसमें सबसे अधिक आय कर प्राप्ति के रूप में हासिल होगी। शासकीय अनुदान के रूप में 323 करोड़ मिलेंगे।
कृष्णा नगर स्थित जलकल परिसर सभागार में आयोजित नगर निगम की कैबिनेट मीटिंग महापौर डॉ. मुकेश आय बंधु की अध्यक्षता में हुई। नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने यह प्रस्ताव रखे। इसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तावित किया गया। इसमें 348 करोड़ की आय और 495 करोड़ के प्रस्तावित किए गए हैं, जिसमें आय के रूप में कर प्राप्ति 13 करोड़, 1.17 करोड़ रुपये किराए से प्राप्ति, शुल्क और यूजर चार्जेज 3.24 करोड़ रुपये, बिक्री और किराया प्रभार 60 लाख रुपये के अलावा सबसे बड़ी आय शासकीय अनुदान रहेगा, जो 323 करोड़ रुपये है।
इस तरह आगामी वित्तीय वर्ष में 348 करोड़ रुपये की आय नगर निगम को होगी। हालांकि निगम के पास प्रारंभिक अवशेष के रूप में 148 करोड़ रुपये भी हैं। इसके अलावा प्रस्तावित बजट में खर्च के रूप में अधिष्ठान पर व्यय 1.06 करोड़ रुपये, प्रशासनिक व्यय 3.50 करोड़ रुपये, अन्य व्यय 14 करोड़ रुपये, नव निर्माण पर 58 करोड़ रुपये, सरकारी अनुदान व सहायता 212 करोड़ रुपये और सेनानिवृत्त एवं मृतक कर्मचारियों के विभिन्न देयकों पर 20 लाख रुपये खर्च होंगे। इस तरह आगामी वित्तीय वर्ष में 495 करोड़ के खर्च का अनुमान है। इस मौके पर उपसभापति राधाकृष्ण पाठक, पार्षद उमेश भारद्वाज, तिलकवीर सिंह, चौधरी राजवीर सिंह, चंदन आहूजा, रश्मि शर्मा, सूरज तोमर, सुमित वर्मा, मीरा मित्तल, नीलम गोयल के अलावा नगर निगम अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान उपसभापति चुने जाने पर पहली नगर निगम की कैबिनेट मीटिंग में राधाकृष्ण पाठक ने महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु, नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़, सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल, अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी समेत कैबिनेट के सदस्य पार्षदों को माला और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।
बांकेबिहारी पाठशाला की दुकानों को नए सिरे से बनाने का विरोध
नगर निगम कैबिनेट की मीटिंग में पार्षद उमेश भारद्वाज ने वृंदावन में विद्यापीठ चौराहे के पास बांकेबिहारी पाठशाला में बनी दुकानों को नए सिरे से बनाए जाने का विरोध किया। इसे गेस्ट हाउस की शक्ल देने पर पार्षद के विरोध पर नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने पुन: कमेटी गठित करके जांच कराने की बात कही।
विकास कार्यों में मनोनीत पार्षदों का हस्तक्षेप नहीं आया पार्षदों को रास
नगर निगम कैबिनेट की मीटिंग में पार्षदों ने मनोनीत पार्षदों के हस्तक्षेप का विरोध जताया। कैबिनेट सदस्य पार्षदों का कहना है कि वह जनता से चुनकर आए हैं। उन्हें जनता का कार्य कराना है। इसके लिए किसी भी मनोनीत पार्षदों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक स्वर से बोले कैबिनेट के सदस्य पार्षदों पर नगर आयुक्त और महापौर ने आश्वस्त किया कि जल्द ही समाधान ढूंढ लिया जाएगा। उनके हक पर कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकेगा।