मथुरा। रियल एस्टेट कंपनी बनाकर लोगों से सामूहिक निवेश कराकर 100 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोपी की जमानत याचिका को जिला जज विकास कुमार ने खारिज कर दिया है। कंपनी के खिलाफ सेबी ने कानपुर के ईओडब्ल्यू थाने में वर्ष 2023 में मुकदमा पंजीकृत कराया था।
कर्मभूमि रियल एस्टेट कंपनी लिमिटेड के निदेशकों द्वारा सामूहिक निवेश की योजना बनाकर जनता से धन की वसूली किए जाने की रिपोर्ट सेबी के अधिकारी द्वारा कानपुर के ईओडब्ल्यू थाने में 20 सितंबर 2023 में दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया कि कंपनी निदेशकों ने सेबी से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना ही निवेशकों से करीब 100 करोड़ रुपया कंपनी के पांच बैंक खातों में जमा कराया गया था। इसके बाद कंपनी के निदेशकों ने जमा धन को कूटरचित बॉड देकर समयावधि पूर्ण होने पर निवेशकों का निवेशित धन हड़प लिया और भूमिगत हो गए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जैंत थाना क्षेत्र में रहने वाले महीपाल सिंह को 6 जून 2026 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया। जेल में बंद महीपाल सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल की। महीपाल के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताते हुए जमानत दिलाने का काफी प्रयास किया। डीजीसी शिवराम सिंह तरकर की दलील, पुलिस रिपोर्ट, साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने दलवीर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।