मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र में चाची के साथ गाली-गलौज करने का विरोध करने पर भतीजे के सिर में लोहे की रॉड मारकर हत्या करने वाले आरोपी की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने खारिज कर दी है। मृतक के पिता ने हत्यारोपी के अलावा बाप-बेटे को नामजद किया था। तीनों नामजद तभी से जेल में बंद हैं।
3 नवंबर 2024 को राधापुरम एस्टेट के अशोका हाइट में भगवान सिंह का कॉलोनी में रहने वाले संजय अरोड़ा के साथ झगड़ा हो गया था। आरोप था कि संजय और उनके पुत्र साहिल ने भगवान की पत्नी के साथ गाली-गलौज की। इसकी जानकारी जब भगवान सिंह के भाई बहादुर सिंह को हुई तो वह अपने बेटे विक्रम सिंह के साथ कॉलोनी में पहुंच गए और झगड़े का कारण पूछने लगे। इसी पर पुन: विवाद हुआ और मारपीट होने लगी। आरोप है कि झगड़ा होते देख साहिल के मित्र विमल सिंह ठाकुर ने विक्रम के सिर में लोहे की रॉड से प्रहार कर दिया। इससे विक्रम की मौके पर ही मौत हो गई। मारपीट में विमल घायल हुआ था।
पुलिस ने बहादुर सिंह की तहरीर पर संजय अरोड़ा, साहिल अरोड़ा और विमल ठाकुर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने पहले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया, इसके बाद अस्पताल में भर्ती विमल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से तीनों को जेल भेज दिया। जिला एवं सत्र न्यायालय (कक्ष तृतीय) में विमल ठाकुर के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी दाखिल की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे पूर्व संजय अरोड़ा की जमानत अर्जी को कोर्ट 19 दिसंबर 2024 को खारिज कर चुका है।