फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वेटिंलेटर पर अस्पताल और सुविधाएं

Tue, 06 Jan 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
 महर्षि दयानंद अस्पताल की ओपीडी में लगभग 1100 मरीज प्रतिदिन चिकित्सीय परामर्श और उपचार कराने के लिए आते हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं की पराकाष्ठा देखिये कि यहां से वापस जाते वक्त मरीज का एक ही लक्ष्य दिखता है कि कितनी जल्दी वह स्वयं को निजी अस्पताल में उपचार के लिए दिखा सके। कारण न तो उसे सही चिकित्सा यहां मिल रही है और न ही दवाएं। परीक्षण के लिए लिखी गई जांच भी उसे बाहर से ही करानी पड़ती है। ऐसे में उसका भरोसा निजी चिकित्सकों पर जाकर टिकता है।
विज्ञापन

दर असल महर्षि दयानंद अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही मानव संसाधनों के अभाव से भी जूझ रहा है। डॉक्टरों की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कॉर्डियोलाजिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक बुखार, जुकाम, खांसी जैसे मौसमी बीमारियों के रोगियों का उपचार कर रहे है। लाखों की ब्लड सेपरेशन यूनिट लगी है, लेकिन पैथॉलाजिस्ट का पद लगभग दो साल से खाली है। यही नहीं लगभग 50 फीसदी चिकित्सकों के पद ही खाली पड़े है। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड की मशीन महिला अस्पताल में लगा दी गई है।
................................

फैक्ट फाइल

- अस्पताल में 25 पदों के सापेक्ष मात्र 13 डॉक्टर
-फिजीशियन, इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर के सभी छह पद खाली
-पैथॉलाजिस्ट न होने से बंद पड़ी है ब्लड सेपरेशन यूनिट, रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं

यह है दिसंबर माह का आंकड़ा
- ओपीडी मरीजों  की संख्या 32924
- भर्ती रोगियों की संख्या.......559
- मरीजों की सर्जरी केस.......159
- किये गये एक्स-रे की संख्या.....823
 
--
फिर कहां जाएं भइया...
महर्षि दयानंद अस्पताल में उपचार के लिए दरेसी रोड से आई रजिया से जब यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछा गया तो उसका एक ही जवाब था कि कहां जायें भईया। एक-दो दिन दवा लेकर देख रहे है नहीं तो निजी डॉक्टरों को दिखाएंगे। छत्ता बाजार से बच्चे की दवा लेने आये राजू पुजारी ने कहा बुखार आया तो चिकित्सक ने खून की जांच के लिये लिख दिया। बताया गया कि यहां कोई पैथॉलॉजिस्ट नहीं है अब ये जांच हमें बाहर करवानी पड़ेगी। जिसके पास पैसा नहीं हो वो तो सरकारी अस्पताल में ही उपचार करायेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें